78 हजार वेतन के नौं कर्मचारी, फिर भी शराब के नशे में दीक्षा गृह से दो बच्चों को उठा ले गया पिता

78 हजार वेतन के नौं कर्मचारी, फिर भी शराब के नशे में दीक्षा गृह से दो बच्चों को उठा ले गया पिता

Arvind jain | Updated: 14 Jun 2019, 02:53:17 PM (IST) Ashoknagar, Ashoknagar, Madhya Pradesh, India

सुरक्षा पर सवाल: शिशु दीक्षा गृह से दो बच्चों के गायब होने से मचा हड़कंप,दूसरे दिन खुद के घर मिले बच्चे।
- शराब के नशे में बस स्टैंड पर बेहोशी की हालत में था पिता और पास बैठे थे दोनों बच्चे, पुलिस ने बाल संरक्षण समिति को सौंपे।
- दूसरे दिन पिता और बच्चों को फिर दीक्षा गृह लाया गया, जहां पिता ने शराब न पीने का आश्वासन दिया तो बच्चों को फिर पिता को सौंपा।

अशोकनगर. पिता शराब के नशे में बेसुध था और उसके दो बच्चे पास में बैठे हुए थे, वहां से निकलते समय मजिस्ट्रेट ने पुलिस को सूचना दी तो दोनों ही बच्चों को शिशु दीक्षा गृह भेज दिया गया। लेकिन कुछ ही घंटे बाद पिता ही दोनों बच्चों को दीक्षा गृह से लेकर गायब हो गया। दोनों बच्चों के अचानक गायब होने से हड़कंप मच गया, हालांकि बाद में यह जानकारी मिल गई कि दोनों बच्चों को उनका पिता ही साथ ले गया। लेकिन इस घटना से बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बच्चों की देखरेख करने दीक्षा गृह में 78 हजार रुपए वेतन के 9 कर्मचारी हैं तो फिर दो बच्चों को पिता शराब के नशे में कैसे साथ लेकर चला गया और किसी ने बच्चों को जाते हुए तक नहीं देखा।

 


मामला शहर के शिशु दीक्षा गृह का है। बमूरिया फूट निवासी रामदयाल अहिरवार की 11 वर्षीय बेटी वर्षा और 8 वर्षीय बेटे मोहन को बुधवार को बाल संरक्षण समिति ने शिशु दीक्षा गृह में भर्ती कराया था। लेकिन कुछ समय बाद ही अचानक दोनों बच्चे दीक्षा गृह से गायब हो गए। जैसे ही दीक्षा गृह के प्रबंधक को बच्चों के गायब होने की जानकारी मिली तो हड़कंप मच गया और बच्चों की तलाश शुरू हो गई। हालांकि देर शाम तक बच्चे नहीं मिल सके, लेकिन यह जानकारी मिल गई कि दोनों बच्चों को उनका पिता ही शराब के नशे में अपने साथ लेकर चला गया है।

 

इस पर दीक्षा गृह के प्रबंधक ने पुलिस थाने में मामले की शिकायत की और पिता पर बच्चों को अपहरण करने का आरोप लगाया। गायब होने के करीब 24 घंटे बाद दोनों बच्चों को दूसरे दिन गुरुवार को गांव से वापस लाया गया। जहां पर अब कभी भी शराब न पीने का भरोसा दिलाया और बच्चे भी साथ जाना चाह रहे थे, इससे बाल संरक्षण समिति ने दोनों बच्चों को पिता को वापस सौंप दिया। लेकिन इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठा खड़े कर दिए हैं।

 


नशे में बेसुध पिता के पास मिले थे दोनों बच्चे-
शिशु दीक्षा गृह के प्रबंधक भूपेंद्र रघुवंशी के मुताबिक बुधवार को दोपहर के समय रामदयाल अहिरवार गांव से दोनों बच्चों को साथ लेकर बुआ के गांव तिगरी जा रहा था। लेकिन बस स्टैंड पर बच्चों को बिठाकर रामदयाल शराब पीने चला गया और लंबे समय तक बच्चे अकेले बैठे रहे। रामदयाल लौटा तो शराब के नशे में बेसुध था।

 

तभी वहां से निकल रहे मजिस्ट्रेट ने मामले की जानकारी पुलिस को दी तो पुलिस ने दोनों बच्चों को बाल संरक्षण समिति को सौंप दिया और समिति ने उन्हें शिशु दीक्षा गृह में भेज दिया। प्रबंधक का कहना है कि कुछ ही समय बाद रामदयाल दीक्षा गृह पहुंचा और बच्चों को ले जाने की बात कही, तो वहां बच्चों की देखरेख करने के लिए नियुक्त बाई ने मना कर लौटा दिया, लेकिन दोबारा से रामदयाल वहां कुरकुरे और बिस्किट लेकर पहुंच गया, साथ ही दोनों बच्चों को साथ लेकर गायब हो गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस थाने में की थी।

 


बड़ा सवाल: ऐसे तो कोई भी ले जाएगा बच्चों को-
शिशु दीक्षा गृह में बच्चों की देखरेख करने के लिए चार महिला कर्मचारी, रखवाली के लिए चौकीदार सहित 9 कर्मचारी नियुक्त हैं, जिनके वेतन पर हर माह 78 हजार रुपए खर्च होते हैं और वहां पर अभी तीन अन्य बच्चे भी भर्ती हैं। ऐसे में इस घटना से सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं कि ऐसे तो कोई भी बच्चों को लेकर गायब हो जाएगा। लोगों का कहना है कि यदि कोई अन्य व्यक्ति उन बच्चों को ले गया होता तो क्या होता? इस पर विचार करने की जरूरत है।

 


बेटी बोली कुटीर के आए थे पैसे, बेटा ने लिया पक्ष-
गुरुवार को जब दोनों बच्चों को दीक्षा गृह लाया गया, तो बेटी पिता के शराब पीने का कारण बताते हुए यह कहकर चुप हो गई कि कुटीर के पैसे आए थे, वहीं बेटे ने पिता का पक्ष लिया और कहा कि हमेशा नहीं पीते हैं।


दीक्षा गृह में दो बार रामदयाल बच्चों को लेने आया, एक बार तो वहां उपस्थित महिला कर्मचारी ने उसे भगा दिया और दूसरी वह लेकर चला गया। जब जानकारी मिली तो हमने तलाश की और पुलिस थाने में शिकायत की। गुरुवार को दोनों बच्चों को वापस पिता को सौंप दिया है।
भूपेंद्र रघुवंशी, प्रबंधक शिशु दीक्षा गृह अशोकनगर


पिता ही बच्चों को ले गया था। तीन-चार घंटे बाद दीक्षा गृह ने सूचना दी, तत्काल जानकारी दी होती तो तुरंत तलाश कर पकड़ लेते। दीक्षा गृह वालों का कहना था कि पिता भरण-पोषण नहीं कर सकता।
पीपी मुदगल, कोतवाली प्रभारी अशोकनगर


अब कभी शराब नहीं पीऊंगा, बच्चों की मां चार साल पहले खत्म हो गई और मैं दोनों बच्चों को अपने साथ ही रखूंगा।
रामदयाल अहिरवार, बच्चों का पिता

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