दर्जनों स्कूलों में नहीं एक भी शिक्षक तो पांच महीने बंद रही पढ़ाई

दर्जनों स्कूलों में नहीं एक भी शिक्षक तो पांच महीने बंद रही पढ़ाई

Arvind jain | Publish: Dec, 09 2018 08:17:51 AM (IST) | Updated: Dec, 09 2018 08:17:52 AM (IST) Ashoknagar, Ashoknagar, Madhya Pradesh, India

विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे छात्र. कई स्कूलों में पदस्थ हैं जरूरत से ज्यादा शिक्षक, तीन महीने पहले होना थी काउंसलिंग लेकिन देरी से उठ रहे विभाग पर सवाल।

अशोकनगर. शहर के कई स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक पदस्थ हैं, तो ग्रामीण क्षेत्र के दो दर्जन हाईस्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों में शिक्षकों की कोई व्यवस्था नहीं की, इससे पांच महीने तक पढ़ाई ठप रही।

हालांकि तीन महीने की देरी के बाद शिक्षा विभाग रिक्त पदों के लिए आज शिक्षकों की काउंसलिंग करेगा। लेकिन इसमें भी शिक्षक विभाग के जिम्मेदारों पर सांठ-गांठ का आरोप लगा रहे हैं, क्योंकि विभाग रिक्त स्कूलों की सूची को सार्वजनिक करने की वजाय छिपाए हुए हैं। इससे विभाग के जिम्मेदारों पर सवाल उठने लगे हैं।


जिले के उत्कृष्ट और मॉडल स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था के लिए शासन ने शिक्षकों की परीक्षा ली और पास होने वाले शिक्षकों को काउंसलिंग के माध्यम से शहर के उत्कृष्ट और मॉडल स्कूलों में पदस्थ कर दिया। इससे ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त हो गए।

जबकि परीक्षा में न बैठने वाले मॉडल व उत्कृष्ट स्कूल के पुराने शिक्षकों को दूसरे स्कूलों की खाली जगहों पर पदस्थ किया जाना था और शासन के निर्देशानुसार तीन महीने पहले यह प्रक्रिया होना थी। लेकिन विभाग के अधिकारियों ने तीन महीने तक काउंसलिंग पर ध्यान नहीं दिया, इससे शहरी क्षेत्र के स्कूलों पढ़ाई की व्यवस्था करने के चक्कर में ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों की पढ़ाई ठप हो गई। हालांकि अब डीईओ आदित्यनारायण मिश्रा का कहना है कि 9 दिसंबर को सुबह 11 बजे से डीईओ कार्यालय में इन शिक्षकों की काउंसलिंग होगी और रिक्त स्कूलों में इन शिक्षकों को भेजा जाएगा।


61 शिक्षक, लेकिन पद कितने किसी को नहीं पता-
इस काउंसलिंग में उत्कृष्ट व मॉडल स्कूल के पुराने 61 शिक्षकों को बुलाया जाएगा और उन्हें दूसरे स्कूलों के रिक्त पदों पर भेजा जाएगा। खास बात यह है कि काउंसलिंग में पहुंचने वाले शिक्षकों की संख्या तो विभाग ने स्पष्ट कर ली है, लेकिन जिले के कितने स्कूलों में कितने पद रिक्त हैं, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।

वहीं शिक्षा विभाग भी इन रिक्त पदों की सूची को सार्वजनिक करने मे रुचि नहीं दिखा रहा है, ऐसे में काउंसलिंग में शामिल होने के लिए आने वाले शिक्षकों में असमंजस बना हुआ है कि आखिर वह बिना जानकारी के कैसे नजदीक के स्कूल का चयन कर पाएंगे। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारी भी रिक्त पदों की संख्या बताने से बच रहे हैं।


यह हैं जिले के हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी स्कूलों के हालात-
1. यहां स्वीकृत संख्या से दोगुने शिक्षक पदस्थ-
अशोकनगर शहर के उत्कृष्ट स्कूल में शिक्षकों के 23 पद स्वीकृत हैं, लेकिन लगातार तीन महीने से इस स्कूल में दो गुनी संख्या में शिक्षक पदस्थ हैं। हालत यह है कि इस स्कूल में कई विषयों के तो तीन से चार शिक्षक पदस्थ हैं। इस स्कूल में 24 शिक्षक ज्यादा हो चुके हैं, वहीं मुंगावली के उत्कृष्ट स्कूल में भी आठ शिक्षक अतिरिक्त हैं। यही स्थिति जिले के अन्य उत्कृष्ट और मॉडल स्कूलों की हैं।


2. यहां एक भी नहीं शिक्षक, एक शब्द भी नहीं पढ़ाया-
जिले में पिछले वर्ष 25 नवीन हाईस्कूल खोले गए थे, जिनमें एक भी शिक्षक की व्यवस्था नहीं है। वहीं पुराने दस हाईस्कूल भी शिक्षक विहीन थे। वहीं अन्य कई हाईस्कूलों व हायर सेकेंडरी में भी कई विषयों के शिक्षक नहीं है। इससे शिक्षा सत्र के पांच महीने बीत जाने के बाद भी उनमें पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी और छात्रों को अब तक एक भी शब्द नहीं पढ़ाया गया है। हालांकि विभाग ने नजदीक के मिडिल स्कूल व प्राईमरी स्कूलों के शिक्षकों को इन हाईस्कूलों की चाबी सौंप दी थी, इससे वह केवल स्कूलों को खोल देते हैं।


बड़ा सवाल: क्यों बरती जाती हैं ऐसी अनदेखी-
हाईस्कूल व हायर सेंकेंडरी स्कूलों के अलावा जिले में सैंकड़ों ऐसे मिडिल व प्राईमरी स्कूल हैं, जहां कोई शिक्षक पदस्थ नहीं है और विभाग के रिकॉर्ड में स्कूल शून्य शिक्षकीय दर्ज है। लेकिन शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों में नियमित शिक्षकों की कोई व्यवस्था नहीं की। नतीजतन इन सरकारी स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह ठप है। इससे सवाल यह उठता है कि आखिर सरकारी स्कूलों की ऐसी अनदेखी क्यों बरती जाती है और यदि शिक्षा विभाग ध्यान नहीं दे रहा है तो क्या प्रशासनिक अधिकारी भी मूकदर्शक बने रहेंगे।


काउंसलिंग के लिए शिक्षक यह बता रहे आशंका-
- हायर सेकेंडरी स्कूल क्रमांक एक अशोकनगर में बायोलॉजी का पद रिक्त है, दो साल पहले अतिथि शिक्षक भी रखा था। लेकिन काउंसलिंग में इसे शामिल न कर खास शिक्षक को लाभ पहुंचाने का प्लान है।


- कई हाईस्कूलों व हायर सेकेंडरी स्कूलों में रिक्त पड़े पदों को समाप्त कर उन स्कूलों में पद बढ़ाए जा रहे हैं, जहां पर पहले से ही पर्याप्त शिक्षक हैं। ताकि खास शिक्षकों को दूर के स्कूलों में न जाना पड़े।
- कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल अशोकनगर में फिजिक्स व कैमिस्ट्री विषय के एक-एक पद और बढ़ाने की तैयारी है, जबकि एजुकेशन पोर्टल पर पूर्व में ही यह पद निर्धारित होना चाहिए थे।

आज सुबह 11 बजे से डीईओ कार्यालय में शिक्षकों की काउंसलिंग की जाना है। यह सही है कि तीन महीने पहले काउंसलिंग होना थी, लेकिन चुनाव की वजह से नहीं कर सके। जिले के 61 शिक्षक इस काउंसलिंग में शामिल होंगे। जिलेभर के सभी स्कूलों में पद रिक्त हैं, इसलिए शिक्षक अपने विषय के हिसाब से स्कूल का चयन कर सकते हैं।
आदित्यनारायण मिश्रा, डीईओ अशोकनगर

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