scriptThousand Year Old Records and Antiquities Archaeological building | नई पीढ़ी नहीं देख पाएगी एक हजार साल पुरानी धरोहर, खत्म हो जाएगी ऐतिहासिक इमारतें | Patrika News

नई पीढ़ी नहीं देख पाएगी एक हजार साल पुरानी धरोहर, खत्म हो जाएगी ऐतिहासिक इमारतें

सहेजने पर नहीं दिया जा रहा है कोई ध्यान, अस्तित्व खोती नजर आ रही धरोहर...>

अशोकनगर

Updated: April 27, 2022 07:17:00 pm

नरेंद्र शर्मा
कदवाया. पुरा संपदा के मामले में प्रदेश में सबसे समृद्ध होने के बाद भी अनदेखी बरकरार है। स्थिति यह है कि एक हजार साल से ज्यादा पुरानी धरोहर जमींदोज होती नजर आ रही है। इमारतों से पत्थर गिर रहे हैं तो कई सिर्फ ढ़ांचे शेष रहे गए हैं। यदि समय रहते सहेजा नहीं गया तो कुछ वर्षों में यह प्राचीन धरोहर पूरी तरह से जमीदोज होकर गायब हो जाएगी और अगली पीढ़ी इतिहास से वंचित रह जाएगी।

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अशोक नगर जिले में खुले में नष्ट हो रही हैं बेशकीमती धरोहरें...।

ईसागढ़ तहसील मुयालय से करीब 18 किमी दूर स्थित सकर्रा गांव। जिसका इतिहास की कई किताबों में उल्लेख है, तो वहीं हजार साल पुराने अभिलेख भी मौजूद हैं, लेकिन स्थिति यह है कि यहां पुरातन संपदा व इमारतें जर्जर होकर जमींदोज होने लगी हैं। जहां मौजूद पुराने तालाब के किनारे पर चार मंदिर हैं, जो खंडित अवस्था में मौजूद हैं और जमींदोज होने लगे हैं। साथ ही तालाब के अंदर व किनारों पर जैन तीर्थंकरों की सर्वतोभद्र प्रतिमा और जिनालय के अवशेष भी बिखरे पड़े हुए हैं। साथ ही सैंकड़ों वर्ष पुरानी प्रतिमाएं भी अनदेखी शिकार हैं व खुले में बिखरी पड़ी हैं।

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तालाब सूखते ही दिखने लगता है मूर्तियों का खजाना

ग्रामीणों का कहना है कि सकर्रा का पुराना तालाब जब सूख जाता है, तो उसमें बड़ी संया में अनगिनत प्रतिमाएं व प्राचीन इमारतों के अवशेष मिलते हैं। इससे पूरा तालाब बिखरी पड़ी मूर्तियों व प्राचीन कलाकृतियों से भरा हुआ नजर आता है। हालांकि अभी तालाब में पानी भरा हुआ है, इससे सिर्फ किनारों पर ही मूर्तियां पड़ी हुईं देखी जा सकती हैं।

सुना रहे 775 साल पुरानी गाथा

सकर्रा गांव में एक टीले पर बड़ी मात्रा में सती स्तंभ और वीर स्तंभ मौजूद हैं। कदवाया के युवा पुराविद हेमंत दुबे के मुताबिक कई स्तंभों पर संवत 1304 के अभिलेख दर्ज हैं और उनमें सती व वीरों की कहानियां दर्ज हैं, लेकिन इनके संरक्षण पर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। इसके अलावा अलाउद्दीन खिलजी के किए गए अत्याचार भी यहां की पुरा संपदा में नजर आते हैं।

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