हजारों बीघा की फसलें चौपट, बिजली के खंभे भी डूबे

हजारों बीघा की फसलें चौपट, बिजली के खंभे भी डूबे

Praveen tamrakar | Publish: Sep, 04 2018 12:35:21 PM (IST) Ashoknagar, Madhya Pradesh, India

लगातार 24 घंटे की तेज बारिश से हुआ नुकसान अब साफ दिखने लगा है। हजारों बीघा की फसल पानी के बहाव में उखड़कर चौपट हो गई है

अशोकनगर. लगातार 24 घंटे की तेज बारिश से हुआ नुकसान अब साफ दिखने लगा है। हजारों बीघा की फसल पानी के बहाव में उखड़कर चौपट हो गई है तो वहीं कई खेतों में अभी भी फसलें पानी में डूबी हुई हैं और सैकड़ों मकान ढ़ह गए हैं। दूसरे दिन भी घरों में पानी भरा होने से चंदेरी साड़ी के लूम डूबे रहे, इससे साडिय़ां भीग गईं और लूम में लगा साडिय़ों का धागा भी खराब हो चुका है। बारिश की हुई तबाही से लोग करोड़ों रुपए का नुकसान बता रहे हैं।

सोमवार को पत्रिका ने बारिश से नुकसान की जानकारी ली तो स्थिति भयावह करने वाली दिखी। बरखेड़ाछज्जू तालाब फुल भरने सुमेर और आसपास के गांवों में पानी भरने की आशंका को देखते हुए जलसंसाधन विभाग को तालाब से पानी निकालना पड़ा। वहीं तालाब के डूब क्षेत्र में बने मकानों में भी पानी भरने की आशंका थी। पानी में किसानों की सोयाबीन की फसल डूब गई, तो वहीं चंदेरी के निदानपुर, खैरा, हसारी और गोधन गांव की फसल नदी के तेज बहाव से उखड़ गई। इसके अलावा जिले भर में सैकड़ों मकान भी ढह गए हैं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

चंदेरी के वार्ड क्रमांक 13 और 16 के कुछ क्षेत्र में दूसरे दिन भी घरों में पानी भरा रहा, इससे करीब पांच से छह लूम दूसरे दिन भी पानी में डूबे रहे। बुनकर रवि कोली पुत्र नारायण कोली, मुन्नीबाई कोली और भागवती कोली ने बताया कि बारिश से जहां शनिवार रात से रविवार तक करीब 25 घरों में चंदेरी साड़ी के लूम डूबे रहे। साड़ी बनाने का अन्य कच्चा सामान खराब हो गया है। प्रत्येक बुनकर को 25 से 30 हजार रुपए का नुकसान हुआ है।

मकान बहने से दूसरे दिन भी सात परिवार स्कूल में ही जमाए रहे डेरा
ईसागढ़. भर्रोली गांव में तालाब के पानी के बहाव में 17 मकान बह गए थे, हालांकि लोगों ने भागकर जान बचाई थी। इससे प्रशासन ने उन्हें सिंगपुर गांव के स्कूल में रुकने की व्यवस्था कर दी थी। दूसरे दिन भी यह परिवार स्कूल में ही डेरा जमाए रहे। हालांकि मंगलवार से स्कूल खुलेंगे, इससे उनके सिर छिपाने का संकट नजर आ रहा है। वहीं इन परिवारों के 15 साल के एक बच्चे की रात में तबीयत खराब हो गई थी। पीडि़त बाबूलाल अहिरवार और घनश्याम ने बताया कि बाढ़ उनके मकान सहित पूरी गृहस्थी बहा ले गई। इससे घर भी मलबे में तब्दील हो गए और उनके पास अब कुछ भी नहीं बचा है।

इस नुकसान के बाद अब इन परिवारों में भविष्य की चिंता साफ दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि अनाज सहित पूरा सामान खत्म हो जाने से उन्हें अब परेशानी का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि अब उनके पास पेट भरने के लिए अनाज भी नहीं बचा है। वहीं अनाज भी घरों में मलबे में दबकर अंकुरित होने लगा है। एसडीएम नीलेश शर्मा का कहना है कि बाढ़ पीडि़त सभी परिवारों के आर्थिक सहायता के प्रकरण तैयार कर लिए गए हैं, एक या दो दिन में उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी जाएगी। उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था प्रशासन कर रहा है और स्कूल खुलने के बाद पीडि़त लोगों के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी।

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