नदी के उफान में बह गया पुल का तीन फीट हिस्सा, निकलने में होगी परेशानी

नदी के उफान में बह गया पुल का तीन फीट हिस्सा, निकलने में होगी परेशानी

Satish More | Publish: Sep, 09 2018 11:19:26 PM (IST) Ashoknagar, Madhya Pradesh, India

पुल के बहे हिस्से पर पीडब्ल्यूडी ने बांधे रिबन, बड़े वाहन निकालने में रहेगी पलटने की आशंका

अशोकनगर. लगातार दो दिन हुई तेज बारिश से उफान पर आई ओर नदी पुल का करीब तीन फिट चौड़ा हिस्सा बहा ले गई। इससे पुल क्षतिग्रस्त हो गया है और अब अशोकनगर-पिपरई रोड पर बड़े वाहनों की आवाजाही रुक जाएगी। वहीं जर्जर हो चुके इस पुल पर से वाहनों की आवाजाही के दौरान दुर्घटना की आशंका भी बनने लगी है। हालांकि पीडब्ल्यूडी ने क्षतिग्रस्त हिस्से पर रिबन बांध दिए हैं, ताकि लोगों को क्षतिग्रस्त हिस्से की जानकारी मिल सके।

अशोकनगर-पिपरई रोड पर कजराई गांव के पास पुल ओर नदी के उफान पर आने से दो दिन से डूबा हुआ है।इससे रास्ते पर आवाजाही बंद है। लेकिन रविवार को दोपहर बाद पुल से नदी का पानी कम होने लगा है और नदी के बहाव में बहा पुल का हिस्सा भी साफ दिखने लगा है।वहीं पुल पर अन्य जगह भी गड्ढ़े हो गए हैं। इससे आठ फिट चौड़े इस पुल पर वाहनों के निकालने के लिए मात्र पांच फिट चौड़ा ही रास्ता बचा है। जबकि यहां से चार पहिया और भारी वाहनों सहित सैंकड़ों की संख्या में रोजाना आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के ट्र्रैक्टर-ट्राली निकलते हैं, लेकिन पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने से अब दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।

 

लोगों का कहना है कि रास्ता बंद हो जाने से अब उन्हें 20 से 25 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाकर दूसरे मार्गों से निकलना पड़ेगा।वहीं यदि इस पुल से ट्रैक्टर-ट्राली निकालेंगे तो वाहन के नदी में पलटने की आशंका बनी रहेगी। पुल क्षतिग्रस्त होने से आसपास के करीब पांच दर्जन से अधिक गांव के लोगों की समस्या बढ़ गई है।

मकानों का सर्वे शुरू, फसलों के लिए धूप का इंतजार
लगातार जारी बारिश से जिलेभर में तीन सौ से अधिक मकान धरासायी हो चुके हैं। वहीं दूसरे दिन भी दिनभर बादल छाए रहे। कलेक्टर डॉ.मंजू शर्मा का कहना है कि राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों को बारिश से गिरे मकानों का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन फसलों में हुए नुकसान का सर्वे धूप निकलने के बाद कराया जाएगा। तहसीलदार इसरार खान के मुताबिक मकानों का सर्वे चल रहा है। प्रारंभिक आंकलन में तहसील क्षेत्र में सिर्फ दो मकान पूर्ण क्षतिग्रस्त पाए गए और करीब 42 मकानों का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। हालांकि सर्वे का कार्य चल रहा है और सर्वे के बाद ही पूरी रिपोर्ट आ सकेगी। कलेक्टर का कहना है कि जिनके मकान गिर चुके हैं, उनके आर्थिक सहायता के प्रकरण तैयार कराए जाएंगे।

पीडब्ल्यूडी ने रिबन बांधकर लगाया संकेतक
पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री दिलीप बिगोनिया का कहना है कि पुल के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलते ही उन्होंने वहां पहुंचकर जांच करवाई। साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्से पर रिबन बांधकर संकेतक भी लगाया गया है। ताकि रास्ते से निकलने वाले वाहन चालकों को पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की जानकारी मिल सके और वह किसी दुर्घटना का शिकार न हो सके। विभाग जल्दी ही पुल की मरम्मत कराने की बात
कह रहा है।

ओर नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो चुका है। शासन से यहां नया पुल स्वीकृत है, जिसके टेंडर भी हो चुके हैं, बारिश का मौसम खत्म होते ही सेतु निगम द्वारा इसका निर्माण शुरू कराया जाएगा। हालांकि इस क्षतिग्रस्त हिस्से को जल्दी ही भरवाया जाएगा।
दिलीप बिगोनिया, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी अशोकनगर

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