Controversy: व्यापारियों ने खरीद रोकी तो किसानों ने किया चक्काजाम, लगी वाहनों की कतार

मंडी में फिर विवाद: हम्मालों ने रेट बढ़ाने की मांग की तो व्यापारियों ने रोक दी मंडी में अनाज की खरीद

By: Manoj vishwakarma

Published: 07 Apr 2021, 11:29 PM IST

अशोकनगर. अनाज का सीजन शुरू होते ही मंडी में फिर विवादों की शुरुआत हो गई है। हम्मालों ने रेट बढ़ाने की मांग की तो व्यापारियों ने नीलामी बोली रोक दी। लंबे समय तक नीलामी बंद रही तो तीन-चार दिन से अनाज के साथ रुके किसानों ने चक्काजाम कर दिया। इससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और 40 मिनट तक किसानों का चक्काजाम चला, पुलिस के समझाने पर माने और दो बजे से अनाज की नीलामी शुरु कराई।

मामला शहर की कृषि उपज मंडी का है। जहां सुबह 10 बजे नीलामी बोली शुरू हुई और साढ़े 10 बजे बंद हो गई, 11 बजे नीलामी फिर शुरु हुई और 10 मिनट बाद बंद हो गई। लंबे समय तक व्यापारी नीलामी में नहीं पहुंचे तो गुस्साए किसानों ने मुख्य गेट को बंद कर चक्काजाम कर दिया। किसानों का कहना था कि तीन-चार दिन से अनाज लेकर मंडी में रुके हुए हैं, लेकिन खरीद नहीं हो रही है। किसान बोले कि सीजन आते ही मनमाने तरीके से मंडी बंद कर दी जाती है। चक्काजाम होने से वायपास पर एक तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई, तो वहीं मंडी में आने-जाने का रास्ता भी बंद रहा। पुलिस ने पहुंचकर समझाया तो किसान नहीं माने, बाद में पुलिस मंडी सचिव को लेकर पहुंची, जहां मंडी सचिव ने दो बजे से नीलामी शुरु कराने की बात कही, तब किसान वहां से हटे और रास्ता खोला।

व्यापारी बोले- हम्मालों ने काम रोका, हम्माल बोले: नहीं रोका

व्यापारियों ने कहा कि हम्मालों ने रेट बढ़ाने की मांग करते हुए काम बंद कर दिया है, लेकिन हम्माल बोले कि हमने सिर्फ रेट बढ़ाने की मांग की है काम नहीं रोका और न काम रोकने की बात कही है। वहीं व्यापारी ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन कलेक्टर नहीं मिले तो फोन पर बात की। बाद में दोपहर दो बजे से मंडी में फिर से नीलामी बोली शुरु हुई। व्यापारियों का कहना है कि जो काम बंद हो चुके हैं, हम्माल उन कामों का भी पैसा मांग रहे हैं और उन रेटों में बढ़ोत्तरी की मांग कर रहे हैं। जबकि हम्मालों की रेट में बढ़ोत्तरी मंहगाई सूचकांक के आधार पर की जाती है।

अवैध वसूली: नीलामी के वसूल रहे 50 रुपए, बोली भी घटा रहे

बोरियों-हाथठेलों व बैलगाडिय़ों में अनाज लाने वाले किसानों की अलग जगह पर नीलामी बोली लगती है। जहां किसानों ने नीलामी लगवाने वाले कर्मचारियों पर प्रत्येक किसान से 50 रुपए वसूलने का आरोप लगाया है। यदि पैसे नहीं देते हैं तो वह उनके अनाज की बोली नहीं लगाते हैं। वहीं पर्चा में रेट कम लिखने का भी आरोप है। बामोरा निवासी किसान अकबर खान ने बताया कि कर्मचारी ने 50 रुपए लिए, तब गेहूं की बोली लगवाई। लखेरी बसारती के बिल्लू अहिरवार का आरोप है कि नीलामी में उसके गेहूं की 1885 रुपए बोली लगी थी, कर्मचारी ने 1785 रुपए लिख दिया है। खास बात यह है कि यह गड़बड़ी मंडी परिसर में खुलेआम हो रही है, लेकिन खुद को अनभिज्ञ बता रहा है।

Manoj vishwakarma Desk
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