दो बार बदला परीक्षा ब्लूप्रिंट, अब फिर बदलाव, छात्र बोले-क्या पढ़ें पता नहीं!

पाठ्यक्रम से असमंजस: पहले 30 फीसदी कोर्स हटाया, बाद में फिर जोड़ा

By: Bharat pandey

Updated: 10 Mar 2021, 12:42 AM IST

अशोकनगर। कोरोना काल में जहां लंबे समय तक स्कूल बंद रहे और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित रही। ऐसे में माध्यमिक शिक्षा मंडल परीक्षा के ब्लू प्रिंट को फाइनल नहीं कर पा रहा है। बार-बार बदलते ब्लूप्रिंट से छात्र असमंजस में हैं कि क्या पढ़ें और क्या छोड़ें। इससे छात्र-छात्राएं तनाव में हैं।

कोरोना काल में स्कूल बंद रहने से छात्रों की समस्या को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं का 30 फीसदी पाठ्यक्रम घटा दिया था, तो छात्र घटे हुए पाठ्यक्रम अनुसार पढ़ाई में जुट गए। साथ ही वार्षिक परीक्षा के ब्लूप्रिंट में दो बार बदलाव किया, लेकिन शिक्षकों का कहना है कि माध्यमिक शिक्षा का मंडल के अध्यक्ष पद का प्रभार बदलते ही फिर से हटे हुए पाठ्यक्रम को फिर से जोड़ दिया गया, साथ ही पाठ्यक्रम में से कुछ टॉपिकों को हटा दिया गया और सीबीएसई पेटर्न पर ब्लू प्रिंट तैयार किया गया। वहीं अब फिर से ब्लू प्रिंट में बदलाव की तैयारी है।


पहले तीन व चार नंबर के प्रश्न नहीं
शिक्षकों के मुताबिक पहले पुराने ब्लूप्रिंट में जहां एक, दो और पांच अंकों के प्रश्नों को शामिल किया गया था, लेकिन बाद में बदले गए ब्लूप्रिंट में फिर से तीन व चार अंक के प्रश्नों को जोड़ दिया गया। जब शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों ने आपत्ति जताई तो माध्यमिक शिक्षा मंडल अब फिर से ब्लूप्रिंट में बदलाव कर रहा है। परीक्षा के नए ब्लूप्रिंट को मंगलवार को जारी होना था, लेकिन शाम छह बजे तक ब्लूप्रिंट जारी नहीं हो सका।


समस्या: छात्रों में बढ़ रहा मानसिक तनाव
बार-बार बदलते परीक्षा के ब्लूप्रिंट की वजह से छात्र-छात्राओं में मानसिक तनाव बढऩे लगा है। 10वीं व 12वीं कक्षा की 20 मार्च से प्री बोर्ड परीक्षा होना है। छात्रों का कहना है कि अब वह प्री-बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे करें, क्योंकि छमाही परीक्षा में अध्यायों से भी प्रश्न आए थे, जिन्हें हटाया जा चुका था। इससे छात्रों का छमाही परीक्षा का रिजल्ट बिगढ़ गया था। वहीं अब छात्रों के पास पूरे पाठ्यक्रम को पढऩे का समय नहीं बचा है।


छात्रों व शिक्षकों ने यह भी बताई समस्या
- हाइस्कूल व हायर सेकेंडरी की 20 मार्च से प्री-बोर्ड परीक्षा और 30 अप्रैल से वार्षिक परीक्षा शुरू होना है, इससे परीक्षा की तैयारी करने बहुत कम समय बचा है।


- यदि नए ब्लूप्रिंट में फिर से कोई बड़ा बदलाव हुआ तो छात्र-छात्राओं को फिर उस तरह से पढ़ाई कर परीक्षा की तैयारी करना पड़ेगी, जबकि समय कम है।


- प्राचार्यों ने पुराने ब्लूप्रिंट के हिसाब से कमजोर छात्र-छात्राओं को बुकलेट छपवाकर दे दी थीं, अब पढ़ाई में कमजोर छात्र-छात्राओं की समस्या बढ़ जाएगी।

बार-बार ब्लूप्रिंट बदलने से परेशान हैं कि क्या पढऩा है और क्या छोडऩा है। प्री-बोर्ड परीक्षा नजदीक है। - नंदनी ओझा, छात्रा 10वीं


पहले के पाठ्यक्रम के हिसाब से याद कर लिया था, लेकिन फिर से बदलाव हो जाने से परेशान हैं और अब फिर बदलाव हो रहा है। - रानी कुशवाह, छात्रा 10वीं


जो सिलेबस दोबारा से बढ़ गया, वह पूरा नहीं हो पा रहा है। बीच में सिलेबस बढ़ा दिया गया है 20 मार्च से परीक्षा है। क्या पढ़ें समझ नहीं आ रहा है। - जीतेश अहिरवार, छात्र 12वीं


कल वीडियो कॉन्फे्रंसिंग में जानकारी दी गई है कि ब्लू प्रिंट मंगलवार को बदलेगा। अभी शाम तक ब्लूप्रिंट जारी नहीं हुआ, इससे पता नहीं चल पा रहा है कि क्या बदलाव हुआ है। - अनिल खंतवाल, एडीपीसी डीईओ कार्यालय

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