यहां बेचे जा रहे मतदाता, अधिकारी को नहीं दिए 50 हजार रुपए तो जोड़ दिया दूसरी जगह नाम

यहां बेचे जा रहे मतदाता, अधिकारी को नहीं दिए 50 हजार रुपए तो जोड़ दिया दूसरी जगह नाम

Arvind jain | Updated: 14 Sep 2019, 11:29:16 AM (IST) Ashoknagar, Ashoknagar, Madhya Pradesh, India

50 हजार रुपए नहीं दिए तो दूसरी पंचायत में जोड़ दिए गांव के 114 मतदाता
- जिला पंचायत सीईओ से की ग्रामीणों ने शिकायत, सीईओ ने एसडीएम से मांगी जांच रिपोर्ट।

अशोकनगर। पंचायतों में किस तरह से मतदाताओं को बेचने का काम मनमाने तरीके से चल रहा है। अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि मांगे गए 50 हजार रुपए नहीं दिए तो जिम्मेदारों ने एक पंचायत के गांव के 114 मतदाताओं के नाम दूसरी पंचायत में जोड़ दिए। इससे यह ग्रामीण दूसरी ग्राम पंचायत के मतदाता बन गए हैं।


मामले की शिकायत की
मामला जिले के मुंगावली विकासखंड की ग्राम पंचायत बीलाखेड़ा का है। जहां बीलाखेड़ा गांव के बंजाराचक्क के 114 मतदाताओं के नाम जनपद पंचायत ने मनमाने तरीके से ग्राम पंचायत दमदमा में जोड़ दिए हैं। जबकि बीलाखेड़ा गांव के मकान नंबर 82 से 91 तक के यह मतदाता वार्ड क्रमांक 10 में दर्ज थे। बुधवार को सभी ग्रामीण जिला पंचायत सीईओ के पास पहुंचे और मामले की शिकायत की। साथ ही ग्रामीणों ने सीईओ को अपने मतदाता परिचय पत्र भी दिखाए।

 

50 हजार रुपए न देने पर दूसरी पंचायत में जोड़े नाम-
ग्रामीणों ने जनपद पंचायत के बाबू प्रेमनारायण सेनी पर आरोप लगाया और कहा कि उसने जानबूझकर इन मतदाताओं के नाम ग्राम पंचायत दमदमा में जोड़े हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जब गांव के ही जनपद सदस्य दिनेश यादव ने बात की तो प्रेमनारायण सेनी ने कहा कि 50 हजार रुपए दोगे तो बीलाखेड़ा में ही यह नाम जुड़ जाएंगे। जनपद सदस्य दिनेश यादव का आरोप है कि उसने 5 हजार रुपए भी दिए, लेकिन 45 हजार रुपए न देने से दमदमा पंचायत में इन मतदाताओं के नाम जोड़ दिए गए।

ग्रामीणों ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी
ग्रामीणों ने शिकायत में चेतावनी दी है कि यदि उनके नाम दमदमा से काटकर वापस बीलाखेड़ा पंचायत में नहीं जोड़े और बाबू के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो सभी ग्रामीण भूख हड़ताल पर बैठेंगे। हालांकि शिकायत पर जिला सीईओ ने मुंगावली एसडीएम से रिपोर्ट मांगी है।


बड़ा सवाल: अधिकारियों की कैसी मॉनीटरिंग
ग्रामीणों का कहना है कि बंजाराचक्क पूर्व से ही बीलाखेड़ा राजस्व गांव में है। वर्ष 2004 में इस पंचायत में खाखलोन गांव को जोड़ा गया और इस परिसीमन में खाखलोन को वापस बीलाखेड़ा से हटा दिया गया। लेकिन उसके साथ बंजाराचक्क को भी हटा दिया, जबकि बंजाराचक्क बीलाखेड़ा राजस्व गांव का हिस्सा है। साथ ही ग्रामीणों ने पटवारी की रिपोर्ट भी शिकायत के साथ दी है।


मेरे पास ग्रामीणों ने शिकायत की है, मामले पर मुंगावली एसडीएम से रिपोर्ट मांगी है कि बंजारा समुदाय का यह चक्क बीलाखेड़ा राजस्व गांव का हिस्सा है या फिर खाखलोन गांव का। दो दिन में रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
अजय कटेसरिया, सीईओ जिला पंचायत अशोकनगर

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