पानी की चोरी: अमाही तालाब में बचा 18.5  फिट पानी, 16.5 फिट रहता है शहर के लिए रिजर्ब

- झाडिय़ों में मोटर व पाइपों को छिपाकर हो रहा तालाब से पानी चोरी, दो साल पहले तालाब सूखने से शहर में आ गई थी पानी की भीषण समस्या
- नपा 2 लाख 27 हजार प्रति माह पानी के लिए देती है जल संसाधन को...

अशोकनगर. सालभर शहर की प्यास बुझाने वाले अमाही तालाब का जल स्तर १18.5 फिट तक पहुंच गया है। शहर में सप्लाई के लिए 16.4 फिट पानी रिजर्ब रखा जाता है, जिससे बारिश होने तक शहर की प्यास बुझाई जा सके। तालाब किनारो की ओर सूखने लगा है और तालाब से मोटर व पाइपों के माध्यम से पानी चोरी भी किया जा रहा है। जिससे तालाब का जल स्तर कम हो रहा है। दो साल पहले बारिश लेट होने से शहर भीषण जल संकट का सामना कर चुका है। इसके बाबजूद तालाब से पानी चोरी नही रोकी जा रही।

शहर में अमाही तालाब से पानी सप्लाई के लिए नगर पालिका हर माह करीब 2 लाख 27 हजार रुपए जल संसाधन विभाग को देती है। जिसके बदले अमाही तालाब में 16 फीट पानी शहर के लिए हमेशा रिजर्व रहता है। लेकिन गर्मियों शुरू होने से बारिश होने तक तालाब सूखने की कगार पर आ जाता है।

जिसका कारण है तालाब से निरंतर हो रही पानी की चोरी। अमाही तालाब से किसानों से एग्रीमेंट के माध्यम से नहर से पानी छोड़ा जाता है, लेकिन कई लोग तालाब में मोटर पंप लगाकर पाइपों की मदद से लाखों गैलन पानी की चोरी कर रहे है। तालाब के किनारों पर जगह-जगह झाडिय़ों में छिपे हुए दर्जनों पाइप डले हुए है।

जिनसे मोटर पंप के माध्यम से पानी खींचा जा रहा है। प्रतिदिन लाखों गैलन पानी तालाब से चोरी हो रहा है। कई लोगों ने सड़कों को खोदकर पाइपों को सड़क में दबाकर अपने खेत में पानी सप्लाई की व्यवस्था कर ली है। ऐसे कई किनारे हैं जहां पर एक नहीं दस-दस पाइप एक साथ तालाब की छरार की ओर व अखेबर धाम की ओर से डाले गए है।

2017 में आई थी पानी की समस्या
बारिश लेट होने से बर्ष 2017 में शहर में पानी की समस्या आ गई थी। जुलाई माह तक बारिश नही हुई थी और तालाब पूरा सूख गया था। करीब 10-12 बर्ष पूर्व भी अमाही तालाब पूरी तरह सूख जाने से उसका गहरीकरण कराया गया था। दो बार तालाब का पानी सूख जाने से शहर पानी भीषण संकट झेल चुका है।

फिर भी ऐसी कोई योजना नहीं बनाई गई है जिससे गर्मियों में शहर के लिए पानी का पर्याप्त स्टॉक बना रहे। तालाब का जल स्तर नीचे गिर रहा है और पानी में डूबे रहने वाले किनारे अब सूखने लगे है। यदि इसी तरह तालाब से पानी निकलता रहा तो शहर में भीषण गर्मी के दौरान जल संकट झेलना पड़ सकता है।

नपा के पास 34 बोर 294 हेडपंप
अमाही तालाब के अलावा नगरपालिका के पास 34 सरकारी बोर एवं 294 हेडपंप है जिसमें से अभी 1 बोर की मोटर खराब है तथा २० हेंडपंप खराब पड़े है जिन्हे सुधारने का कार्य करवाया जा रहा है। नपा के सब इंजीनियर अम्बक पाराशर ने बताया कि गर्मियों में पानी की व्यवस्था को लेकर नगरपालिका द्वारा शहर में जो सरकारी बोर एवं हेडपंप है उनसे लोगों को काफी मदद मिलती है।

सरकारी बोरों पर नगर पालिका द्वारा पिछले साल पानी की लाइन बिछाकर भी पानी की व्यवस्था की गई थी इस वर्ष भी जिन मोहल्ले एवं गलियों में पानी की परेशानी नजर आएगी वह सरकारी बोरों से पाइप बिछाकर के सरकारी टोटिया लगाई जाएंगी एवं शहर को पर्याप्त पानी की व्यवस्था की जाएगी। इस वर्ष लोगों को जल संकट से निबटने के लिए यह बोर कारगर साबित होंगे।

नगरपालिका क्षेत्र में 8300 नल कनेक्शन
शहर की आबादी एक लाख के आसपास है जहां शहर मेंं 8300 नल कनेक्शन है ऐसे में पानी की सप्लाई का स्रोत एक मात्र अमाही तालाब है, लेकिन पिछले 2 वर्षों से जून लास्ट तक अमाही तालाब का पानी सूखने की कगार पर पहुंच जाता है। नपा द्वारा एक दिन छोड़कर शहर में पानी की सप्लाई दी जाती है ऐसे में यदि पानी चोरी होने से रोक दिया जाए तो नपा को शहर में एक दिन छोड़कर पानी देने की नौबत भी नहीं आएगी साथ ही शहर में पानी की समस्या भी नहीं होगी।

गर्मियों में पेयजल की समस्या न हो इसके लिए नगर पालिका द्वारा शहर में पानी सप्लाई के लिए अमाही तालाब के अलावा 34 बोर व 200 हेडपंप है। जिन्हे उपयोग में लिया जाएगा। तालाब में १६ फीट जल स्तर शहर के लिए रिजर्ब रखा जाता है यदि फिर भी पानी चोरी होता है तो विभाग को सूचित कर कार्रवाई की जाएगी।
- शमशाद पठान, नपा सीएमओ

16.4 फिट जल स्तर के बाद पानी निकालने पर बैन रहता है। यदि पाइप डालकर किसी के द्वारा तालाब से पानी चोरी किया जा रहा है उसे दिखवाकर कार्रवाई करेंगें।
- सुरेन्द्र कुमार सिंह रघुवंशी, सब इंजीनियर प्रभारी अमाही तालाब

Arvind jain
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