आसियान: आतंक से लड़ाई में साथ आए भारत-फिलीपींस, सम्मेलन को संबोधित करेंगे मोदी

आसियान: आतंक से लड़ाई में साथ आए भारत-फिलीपींस, सम्मेलन को संबोधित करेंगे मोदी

Mohit sharma | Publish: Nov, 14 2017 08:46:03 AM (IST) | Updated: Nov, 14 2017 11:04:42 AM (IST) एशिया

सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन दिवसीय फिलीपींस दौरे का आज अंतिम दिन है। मोदी मंगलवार को आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलनों को संबोधित करेंगे। इस दौरान शिखर सम्मेलन में विवादित साउथ चाइना सी क्षेत्र में चीनी की आक्रामक सैन्य गतिविधियों, नॉर्थ कोरिया के परमाणु मिसाइल परीक्षणों और क्षेत्रीय सुरक्षा परिवेश जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आसियान शिखर सम्मेलन में शामिल होने फिलीपींस पहुंचे हुए हैं। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई। दोनों नेता बैठक के दौरान कई मुद्दों पर बात हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप से मुलाकात कर कहा कि भारत और अमरीका के बीच रिश्ते काफी पुराने और मजबूत हैं। दोनों देश एशिया और मानवता के लिए साथ मिलकर काम करेंगे।

 

मनीला पहुंचे कई राष्ट्राध्यक्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते के साथ द्विपक्षीय संबंधों को लेकर विस्तृत बातचीत के बाद दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग के लिए चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं ने आतंकवाद को दोनों देशों और क्षेत्र के सामने मौजूद बड़ा खतरा बताते हुए इस चुनौती से प्रभावशाली तरीके से निपटने के लिए द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया। इस दौरान मोदी आतंकवाद और उग्रवाद की बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिये एक वैश्विक दृष्टिकोण तय किए जाने की भारत की मांग दोहराने के साथ क्षेत्रीय व्यापार बढ़ाने के लिये कदम उठाने पर जोर दिया है। बता दें कि आसियान एक दक्षिण पूर्व एशिया के प्रमुख देशों का एक संगठन है। इस बैठक में भाग लेने के लिये म्यांमार की नेता आंग सान सू की, कंबोडिया के पीएम हुन सेन, मलेशिया के पीएम नजीब रज्जाक, सिंगापुर के पीएम ली सिएन लूंग और न्यूजीलैंड की पीएम जे आरडेर्न पहले ही मनीला पहुंच गए हैं।

 

इन मुद्दों पर रहा जोर

दरअसल, आसियान संगठन व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद व परमाणु प्रसार जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा और प्रतिबंध लगाने के लिए बनाया गया है। मंगलवार को जहां इन मसलों पर चर्चाओं के बीच भारत आतंकवाद जैसे बड़े मुददे पर संगठन के देशों को विशेष सहयोग चाहेगा। आसियान 10 सदस्य देशों के इस संगठन में भारत, चीन, जापान, कोरियन रिपब्लिक ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमरीका और रूस शामिल हो रहे हैं।

 

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