बाबरी विध्वंस मामला: आरोपियों के बरी होने पर पाकिस्तान को लगी मिर्ची, कोर्ट के फैसले की निंदा की

HIGHLIGHTS

  • Babri Demolition Case: बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में पाकिस्तान ने सभी 32 आरोपियों को बरी किए जाने को लेकर निंदा की है।
  • पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने प्रतिक्रिया देते हुए इसकी निंदा की और कहा कि ऐतिहासिक मस्जिद को ढहाए जाने के लिए जिम्मेदार लोगों को ‘शर्मनाक तरीके से बरी’ कर दिया गया।

By: Anil Kumar

Updated: 30 Sep 2020, 10:18 PM IST

इस्लामाबाद। बाबरी मस्जिद विध्वंस ( Babri Demolition Verdict ) मामले में देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआई की एक विशेष अदालत ने बुधवार को सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि बाबरी ढांचा के विध्वंस की घटना पूर्व नियोजित नहीं था, बल्कि एक आक्समिक घटना थी।

अब इस मामले को लेकर पाकिस्तान ( Pakistan ) को मिर्ची लग गई है। पाकिस्तान ने सभी 32 आरोपियों को बरी किए जाने को लेकर निंदा की है। सबसे बड़ी बात कि पाकिस्तानी मीडिया ने प्रमुखता से इस खबर को जगह दी है।

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पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसकी निंदा की और कहा कि ऐतिहासिक मस्जिद को ढहाए जाने के लिए जिम्मेदार लोगों को ‘शर्मनाक तरीके से बरी’ कर दिया गया। विदेश कार्यालय ने आगे कहा ‘पाकिस्तान, भारत सरकार से अल्पसंख्यकों विशेषकर मुस्लिमों और उनके प्रार्थना स्थलों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करता है।’

आपको बता दें कि इससे पहले भी कई मामलों में पाकिस्तान भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने की कोशिश की है। भारत ने हर बार पाकिस्तान के तमाम आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि हमारे आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करें।

पाकिस्तानी मीडिया में छाया बाबरी विध्वंस मामला

आपको बता दें कि बाबरी विध्वंस मामले में कोर्ट के फैसले को पाकिस्तानी मीडिया में प्रमुखता से कवर किया गया। तमाम पाकिस्तानी मीडिया इस फैसले को विवादास्पद बताया है। जियो न्यूज ने लिखा ‘भारतीय अदालत ने बाबरी मस्जिद मामले पर विवादास्पद फैसले में सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया।’ वहीं ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ और उर्दू भाषा के समाचार पत्र ‘जंग’ ने भी इस फैसले को विवादास्पद बताया है।

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पाकिस्तान के टीवी चैनलों पर भी प्रमुखता से यह खबर दिखाई गई। बता दें कि इससे पहले अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत से जब एतिहासिक फैसला आया तो भी पाकिस्तान ने दखल देते हुए इसपर प्रतिक्रिया दी थी।

मालूम हो कि 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद को कारसेवकों ने ढहा दिया था। इस मामले के बाद उत्तर प्रदेश समेत पूरे भारत में सांप्रदायिक हिंसा फैल गई थी, जिसमें 2 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले के बाद पूरे भारत में हुए सांप्रदायिक दंगों में लगभग दो हजार लोगों की मौत हो गई थी।

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