आर्मी चीफ के बयान पर तिलमिलाया चीन, बोला- ये शांति के लिए अच्छा नहीं

भारतीय सेना प्रमुख बिपिन रावत के चीन से सटी अपनी उत्तरी सीमा पर केंद्रित करने वाले बयान पर चीन तिलमिला उठा है।

By: Chandra Prakash

Published: 15 Jan 2018, 04:57 PM IST

बीजिंग: पाकिस्तान के बाद अब चीन भी भारतीय सेना प्रमुख बिपिन रावत के बयान पर तिलमिला उठा है। जनरल रावत के चीनी सीमा पर दिए गए बयान पर चीन ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसे 'अरचनात्मक' बयान सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति को प्रभावित करेंगे।


सेना प्रमुख ने क्या कहा था?
जनरल रावत ने पिछले हफ्ते कहा था कि भारत को अपना ध्यान पाकिस्तान से सटी अपनी पश्चिमी सीमा से हटाकर चीन से सटी अपनी उत्तरी सीमा पर केंद्रित करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर चीन शक्तिशाली है तो भारत भी कमजोर नहीं है और भारत को चीन को संभालने आता है। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि हमारे पड़ोसी देश चीन की झोली में ना चले जाएं। इसके लिए हमें सरकार और कूटनीति का सहारा लेना होगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमें 1962 युद्ध के बारे में ज्यादा नहीं सोटना चाहिए, क्योकिं चीन सीमा से सटे इलाके इस तरह के हैं, जहां हम चीन से ज्यादा मजबूत हैं।


चीन बोला- सुधर रहे रिश्ते
सोमवार को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा पिछले एक वर्ष के दौरान भारत और चीन के संबंधों में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। बीते सितंबर में भारत-चीन के नेताओं के बीच दोनों पक्षों के मतभेदों को सही तरीके से दूर करने और भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी थी। हाल में दोनों पक्षों ने परामर्श और द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत को आगे बढ़ाया है और सुधार एवं विकास को गति प्रदान की है।


ये अरचनात्मक टिप्पणी
लू ने आगे कहा कि इस पृष्ठभूमि में भारत के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई अरचनात्मक टिप्पणी राष्ट्र के दो प्रमुखों की सहमति के खिलाफ है और दोनों पक्षों द्वारा द्विपक्षीय संबंधों में सुधार एवं विकास के लिए किए गए प्रयासों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि यह सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने में सहायता नहीं करेगा।

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