China: राष्ट्रपति शी जिनपिंग की निंदा करना बिजनेसमैन रेन झिकियांग को पड़ा भारी, 18 साल की जेल

HIGHLIGHTS

  • कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना ( Communist Party Of China ) के सदस्य और चीन के बड़े बिजनेसमैन में से एक रेन झिकियांग ( Ren Zhiqiang ) ने शी जिनपिंग को जोकर बताया।
  • इसी साल जुलाई में CCP ने झिकियांग पर कई तरह के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और इन्हीं आरोपों को लेकर उन्हें जेल की सजा सुनाई गई है।
  • 69 वर्षीय झिकियांग देश के एक बड़े बिजनेसमैन हैं। इससे पहले वे एक रियल एस्‍टेट कंपनी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

By: Anil Kumar

Updated: 23 Sep 2020, 04:51 PM IST

बीजिंग। चीन में सरकार के खिलाफ किसी को भी कुछ कहने और आवाज उठाने की छूट नहीं है और यदि बात राष्ट्रपति शी जिनपिंग ( President Xi Jinping ) की हो तो उनके खिलाफ एक भी शब्द बोलना अपराध माना जाता है। यदि कोई भी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ कुछ भी बोलता है या उनकी निंदा करता है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाती है।

एक बार फिर से ऐसा ही एक मामला सामने आया है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना ( Communist Party Of China ) के सदस्य और चीन के बड़े बिजनेस मैन में से एक रेन झिकियांग ( Ren Zhiqiang ) ने शी जिनपिंग की निंदा करने की गुस्ताखी कर दी, जिसकी कठोर सजा अब उन्हें भुगतनी पड़ेगी। उसे अब अपनी जिंदगी 18 साल तक जेल में गुजारनी पड़ेगी।

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दरअसल, झिकियांग ने अपने एक लेख में राष्ट्रपति शी जिनपिंग को जोकर बताया था। इसी साल जुलाई में CCP ने झिकियांग पर कई तरह के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और इन्हीं आरोपों को लेकर उन्हें जेल की सजा सुनाई गई है। 69 वर्षीय झिकियांग देश के एक बड़े बिजनेसमैन हैं। इससे पहले वे एक रियल एस्‍टेट कंपनी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

कोरोना वायरस पर झिकियांग ने की थी सरकार की आलोचना

बता दें कि कोरोना वायरस महामारी को लेकर पूरी दुनिया चीन पर सवाल खड़े कर रही है और आरोप लगा रही है। इस बीच रेन झिकियांग ने भी कोरोना वायरस को लेकर सवाल खड़े करते हुए राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर आरोप लगाए।

सरकारी रवैये को लेकर झिकियांग ने कई सवाल खड़े किए और जिनपिंग की आलोचना करते हुए उन्हें जोकर करार दिया। इसके बाद चीन कम्युनिस्ट पार्टी ने झिकियांग के इस व्यवहार को अनुशासनहीनता करार दिया। झिकियांग शी जिनपिंग के मुखर आलोचकों में से एक रहे हैं। मार्च में झिकियांग को गिरफ्तार किया गया था।

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इसके बाद झिकियांग पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच अप्रैल में शुरू की गई थी। CCP ने झिकियांग को जुलाई में पार्टी से बाहर कर दिया। झिकियांग पर इस तरह की कार्रवाई करके CCP ने पूरे देश में ये संदेश देने की कोशिश की कि शी जिनपिंग के खिलाफ कोई भी आरोप या बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अपने आदेश में यह कहा था कि झिकियांग ने गंभीर तौर पर पार्टी के राजनीतिक, संगठनात्‍मक और उसकी अखंडता को तोड़ा है।

झिकियांग पर रिश्वत लेने का आरोप

रेन झिकियांग पर भ्रष्टाचार और पब्लिक फंड का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया। उन्होंने CCP की तमाम शर्तों को मान लिया और अपनी सजा के खिलाफ कोर्ट में अपील नहीं करने की भी बात कही। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ये पाया कि झिकियांग ने आम लोगों से रिश्वत ली और पब्लिक फंड का दुरुपयोग किया है।

वह चीन की सरकार रियल एस्‍टेट कंपनी हुनयान प्रॉपर्टीज के चेयरपर्सन थे। झिकियांग पर गोल्‍फ मेंबरशिप कार्ड्स की खरीददारी का भी आरोप लगा है। शिचेंग डिस्ट्रिक्‍ट के अनुशासन निरीक्षण आयोग की तरफ से बनाई गई डिस्ट्रिक्‍ट सुपरवाइजरी कमेटी ने झिकियांग के खिलाफ सजा का ऐलान किया है।

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मालूम हो कि रेन झिकियांग सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं और वह हमेशा सरकार की नीतियों का विरोध करते आए हैं। कई बार उनके लेख को विवादित करार दिया गया है। यही कारण है कि 2016 में उन्हें चीनी सोशल मीडिया पर बैन कर दिया गया था। झिकियांग ने उस वक्त चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के एक भाषण की ओलचना की थी।

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