LAC पर तनाव के बीच नेपाल की जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिश में चीन, कई इलाकों में अतिक्रमण

Highlights

  • तिब्बत (Tibet) में सड़क के निर्माण के नाम पर नेपाली भूमि पर अतिक्रमण (Enchrochment) कर रहा चीन, नदियों का रुख मोड़ा।
  • नेपाला (Nepal) का बड़ा भूभाग चीन के हाथ में जा सकता है, चीन वहां सीमा चौकियां स्थापित कर उस पर अपना कब्जा जमा ले।।

By: Mohit Saxena

Updated: 24 Jun 2020, 09:41 PM IST

बीजिंग। चीन (China) अपनी विस्तारवादी नीति को लेकर पड़ोसी देशों की जमीन हथियाने की कोशिश लगा हुआ है। हाल ही में पूर्वी लद्दाख स्थित गलवान घाटी (Galwan Valley) में बढ़ा तनाव इसका ताजा उदाहरण है। अब सामने आया है कि ड्रैगन का हिमायती बन रहे नेपाल पर भी खतरा मंडराने लगा है। वह तिब्बत में सड़क के निर्माण के नाम पर नेपाली भूमि पर अतिक्रमण (Encroachment) कर रहा है। भविष्य में उसकी इन क्षेत्रों में सीमा चौकी तैयार करने की योजना भी बना रहा है। नेपाल (Nepal) सरकार की गोपनीय रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। ।

कृषि मंत्रालय के सर्वे विभाग की ओर से तैयार इस रिपोर्ट में 33 हेक्टेयर के दायरे में फैले उन दस इलाकों का जिक्र है, जहां चीन नदियों का रुख मोड़कर नेपाली जमीन पर कब्जा कर लिया है। चीन ने सड़क निर्माण के जरिये बागडारे खोला और करनाली नदी का रुख मोड़ दस हेक्टेयर की जमीन पर कब्जा जमाया है। वहीं, तिब्बत में निर्माण गतिविधियों के कारण सिनजेन, भुरजुक और जंबुआ खोला के रुख में हुए बदलाव से रसुवा की छह हेक्टेयर भूमि पर उसका कब्जा हो गया है।

एक रिपोर्ट के अनुसार चीन तिब्ब्त स्वायत क्षेत्र में अपना रोड नेटवर्क लगातार बढ़ाता जा रहा है। इस कारण कई नदियों और उपनदियों का रुख बदल गया है। ये नदियां नेपाल की तरफ बहने लगी हैं। नदियों के बहाव से नेपाल के कई जिलों की सीमाएं मिट गई हैं। इस परिस्थिति में नेपाल का बड़ा भूभाग चीन के हाथ में जा सकता है। यह भी संभव है कि चीन वहां सीमा चौकियां स्थापित करने लगे।

नेपाल सरकार ने दिखाई लापरवाही

1960 के दशक में हुए सर्वे के बाद से नेपाल ने चीन के साथ सीमा निर्धारण के लिए सिर्फ सौ पिलर का ही निर्माण किया। वहीं, भारत से लगती सरहद की बात करें तो यहां पर पिलर की संख्या 8553 के आसपास है। 14 देशों से लगती है चीन की सीमा। 23 देशों की जमीन हथियाई या फिर उस पर कब्जे की फिराक में है।

चीन ने 1950 में 80 फीसदी बौद्ध आबादी वाले तिब्बत पर हमला कर कब्जा जमाया लिया था। 1945 में इनर मंगोलिया की 11.83 लाख वर्ग किलोमीटर की जमीन को अपने कब्जे में ले लिया था। ताइवान के 35 हजार वर्ग किमी जमीन पर नजर डाली। वहीं हांगकांग में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लेकर उसपर दबाव बनाने की कोशिश की।

भारत के बड़े हिस्से पर कब्जा ने कब्जा जमा रखा है। हालांकि आंकड़े इससे बड़े बताए जा रहा है। करीब 38 हजार वर्ग किलोमीटर का हिस्सा चीन के कब्जे में बताया गया है। इसमें 14,380 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र अक्साई चिन शामिल है। वहीं करीब 5180 वर्ग किमी का इलाका पीओके का पाक ने चीन को तोहफे के रूप में दिया है।

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