गलवान घाटी में मारे गए चीनी सैनिकों की संख्या पर उठाए थे सवाल , ब्लॉगर को आठ माह की जेल

चीन ने इन आंकड़ों को छिपाने की कोशिश की और कभी भी आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए। माफी मांगने की शर्त पर ब्लॉगर की सजा कम की।

By: Mohit Saxena

Published: 01 Jun 2021, 06:59 PM IST

नई दिल्ली। लद्दाख के पास गलवान घाटी में बीते साल भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प में कई चीनी सैनिक मारे गए थे। मगर चीन ने इन आंकड़ों को छिपाने की कोशिश की और कभी भी आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए। इस बीच इन आंकड़ों पर सवाल उठाने वाले ब्लॉगर को आठ माह जेल की सजा सुनाई गई है।

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चीन आगबबूला हो गया था

ब्लागर ने मौत के आंकड़ों पर सवाल उठाए थे, जिस पर चीन आगबबूला हो गया था। इन टिप्पणियों के कारण उसे हिरासत में ले लिया गया। अब उसे आठ माह कैद की सजा सुनाई गई है। दरअसल चीन ने झड़प में मारे गए अपने सैनिको का जो आंकड़ा दिया था, उस पर ब्लॉगर ने सवाल उठाए थे।
2.5 मिलियन फॉलोअर्स

इस पर चीन ने कार्रवाई करते उसे हिरासत में ले लिया था। किउ जिमिंग चीन में मशहूर ब्लॉगर हैं। उनके इंटरनेट पर 2.5 मिलियन फॉलोअर्स हैं। वह एक सिलेब्रिटी की तरह है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी है।

बयान को लेकर माफी मांगे

ब्लॉगर को 8 माह की सजा दी गई है। इसके साथ ही आदेश भी दिया गया है कि वह राष्ट्रीय मीडिया के जरिए 10 दिनों के अंदर अपने बयान को लेकर माफी मांगे। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि किउ ने अपनी गलती स्वीकार की है और कोर्ट में अपनी अर्जी में कहा है कि वह आगे इस तरह की हरकत नहीं करेगा। ऐसे में उसे कम सजा दी गई है। इससे पहले 1 मार्च को किउ ने एक टीवी चैनल पर भी अपने बयान को लेकर भी माफी मांगी थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक किउ ने कहा था कि वह अपने बयान को लेकर शर्मिंदा है और माफी मांगता है।

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कई अधिक सैनिक मारे गए हैं

गलावान घाटी में अब तक चीन अपने चार सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि करता रहा है। मगर किउ का कहना है कि इस झड़प में चीन के कई अधिक सैनिक मारे गए हैं। किउ ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर कहा कि जितनी संख्या बताई जा रही है, उससे कही अधिक संख्या में सैनिक मारे गए हैं। बीते दिनों रूसी मीडिया चैनल तास का दावा है कि इस झड़प में 45 से अधिक सैनिक मारे गए।

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