चीन करेगा सीपीईसी का विस्तार, पश्चिमी पाकिस्तान तक ले जाने की योजना

चीन करेगा सीपीईसी का विस्तार, पश्चिमी पाकिस्तान तक ले जाने की योजना

Mangala Prasad Yadav | Publish: Sep, 10 2018 06:42:40 PM (IST) एशिया

चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को पाकिस्तान के पश्चिम तक विस्तार किया जाएगा।

बीजिंग। चीन ने सोमवार को कहा कि वह चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को पाकिस्तान के पश्चिम तक विस्तार देगा। चीन पहले ही अफगानिस्तान को (पाकिस्तान के पश्चिम में) सीपीईसी में शामिल होने का आमंत्रण दे चुका है। इसके आगे पश्चिम में स्थित ईरान ने परियोजना में शामिल होने की रुचि दिखाई है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, "दोनों पक्ष सीपीईसी को आगे बढ़ाएंगे। पाकिस्तान के आर्थिक विकास और पाकिस्तानी लोगों की जरूरतों के मद्देनजर हम सीपीईसी के लिए रास्तों और सहयोग की पहचान करेंगे।"

ज्यादातर लोगों को लाभ पहुंचाएगा चीन
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, "हम औद्योगिक सहयोग और लोगों की जीविका से जुड़ी परियोजनाओं में तेजी लाएंगे और सीपीईसी को पश्चिमी इलाके तक विस्तार देंगे और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इससे फायदा पहुंचाएंगे।" सीपीईसी में चीन के शिनजियांग में काशगर और पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को जोड़ने की परिकल्पना है। दरअसल गेंग चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीते सप्ताह तीन दिवसीय पाकिस्तान दौरे के बारे में एक सवाल का जवाब दे रहे थे। अपने दौरे के दौरान वांग यी पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान से भी मिले थे।

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क्या है सीपीईसी परियोजना?
दरअसल सीपीईसी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की महत्वपूर्ण परियोजना है। अगर ये परियोजना पूरी हो जाती है तो इसके जरिए तीन हजार किलोमीटर के सड़क नेटवर्क तैयार के साथ-साथ रेलवे और गैस पाइपलाइन लिंक भी पश्चिमी चीन से दक्षिणी पाकिस्तान को जोड़ेगा। इस परियोजना के तहत बुनियादी ढांचे और ऊर्जा परियोजनाओं के जरिए 46 अरब डॉलर के निवेश की उम्मीद है। बता दें कि इस परियोजना की शुरूआत 2015 में हुई थी। चीन की तरफ से बनाया जा रहा ये कॉरिडोर गिलगिट-बाल्टिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से भी होकर गुजरेगा। इसलिए भारत इसका शुरू से ही विरोध कर रहा है।

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