चीन के तेवर पड़े नरम, नाथुला दर्रा को दोबारा खोलने के लिए बातचीत को तैयार

Chandra Prakash

Publish: Sep, 12 2017 04:21:00 (IST) | Updated: Sep, 12 2017 05:27:00 (IST)

Asia
चीन के तेवर पड़े नरम, नाथुला दर्रा को दोबारा खोलने के लिए बातचीत को तैयार

मध्य जून में चीन ने कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए नाथुला दर्रा को कर दिया था बंद।

बीजिंग: भारत और चीन के बीच डोकलाम विवाद काफी हद तक सुलझने के बाद चीन की तरफ से एक और दोस्ती वाला कदम बढ़ता दिख रहा है। डोकलाम विवाद सुलझने के बाद चीन ने मंगलवार को कहा है कि वो नाथुला दर्रा को दोबारा से खोलने के संदर्भ में बातचीत करने के लिए तैयार है। चीन की तरफ से इस बात का ऐलान करना भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

मध्य जून में बंद किया गया था नाथुला दर्रा
आपको बता दें कि इसी साल जून में चीन ने डोकलाम विवाद के दौरान इस रास्ते को कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए बंद कर दिया था। इस साल कैलाश मानसरोवर यात्रा सिक्किम के नाथुला दर्रे से होनी थी लेकिन भारत-चीन के बीच उत्पन्न हुए सीमा विवाद के चलते इस इसे रद्द कर दिया गया था। इसके चलते कैलाश मानसरोवर यात्रा को सिक्किम के बजाए उत्तराखंड के रास्ते पूरा किया गया था। 

50 यात्रियों के लिए नहीं खोले गए थे गेट

जून महीने में चीन ने 50 यात्रियों के पहले जत्थे के लिए गेट खोलने से इंकार कर दिया था। ऐसा माना जा रहा था कि आपसी संबंधों में आई कड़वाहट के चलते चीन ने जानबूझकर बाधा खड़ी की थी। नाथुला का रास्ता भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए वर्ष 2015 में खोला गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की निजी रुचि के चलते यह रास्ता खोला गया था। 

72 दिन तक चला था डोकलाम विवाद
आपको बता दें कि भारत और चीन ने 2 महीने से भी ज्यादा चले डोकलाम विवाद को पिछले महीने ही सुलझा लिया था। 72 दिन के बाद भारत और चीन के बीच आपसी समझौते के बाद दोनों देशों ने अपनी-अपनी सेनाओं को विवादित क्षेत्र से हटा लिया था। भारत के लिए ये एक बड़ी कूटनीतिक जीत थी। पीएम मोदी के ब्रिक्स सम्मेलन में जाने से पहले डोकलाम विवाद सुलझ गया था।

डोकलाम से हटी थी दोनों देशों की सेना
MEA के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ये दावा किया था कि दोनों देशों ने सैनिकों को पीछे हटाने का फैसला किया था। पिछले कुछ हफ्तों में भारत और चीन ने डोकलाम विवाद के दौरान राजनयिक संबंधों को बनाए रखा था। डोकलाम से दोनों देशों की सेनाओं के हटने की पुष्टि दोनों देशों की तरफ से की गई थी। हालांकि शुरुआत में चीन ने ये कहा था कि समझौते के बाद भी भारत ने अपनी सेना को डोकलाम से नहीं हटाया है।

बाद में चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चूनींग ने भी इस बात पुष्टि कर दी थी कि भारतीय सैना उपकरणों के साथ पीछे हट गई है। वहीं चीन की सेना के 150 मीटर पीछे हटने की पुष्टि भारत ने की थी।

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