HongKong पर सख्त नियंत्रण की तैयारी में China, नए कानून के लिए भारत का चाहता है समर्थन

Highlights

  • हांगकांग (Hongkong) को 1997 में एक देश, दो प्रणाली के सिद्धांत के तहत चीन (China) को सौंप दिया गया था, अब ड्रैगन पूरी तरह यहां अपना नियंत्रण चाहता है।
  • चीन ने भारत और अन्य देशों को पत्र लिखा है। उसने कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखना विशुद्ध रूप से उसका अंदरूनी मामला है।

By: Mohit Saxena

Updated: 23 May 2020, 03:21 PM IST

बीजिंग। हांगकांग (Hongkong) को पूरी तरह से अपने आधीन कर करने के लिए चीन (China) विवादस्पद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लागू करना चाहता है। उसका मानना है कि इस कानून की बदौलत वह हांगकांग पर पूरी तरह से काबू में कर सकता है। गौरतलब है कि हांगकांग अपने को अलग राष्ट्र साबित करने में जुटा हुआ है। वह चीन की मनमानी को नहीं मानना चाहता है। ब्रिटिश(British) कॉलोनी में शामिल हांगकांग को 1997 में एक देश, दो प्रणाली के सिद्धांत के तहत चीन को सौंप दिया गया था।

चीन ने हांगकांग के ऊपर नया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने के अपने विवादास्पद फैसले को लेकर भारत एवं अन्य देशों का समर्थन मांगा है। किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया को हवा न मिले, इसके लिए चीन ने नए मसौदा कानून के कारणों को स्पष्ट करने के लिए भारत और अन्य देशों को पत्र लिखा है। उसने कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखना विशुद्ध रूप से चीन का अंदरूनी मामला है।

चीन ने हांगकांग पर अपने नियंत्रण को और मजबूत करने के लिए संसद में विवादास्पद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का मसौदा पेश किया है। इसे हांगकांग की आजादी पर बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। । हांगकांग चीन का एक विशेष प्रशासनिक क्षेत्र है। ब्रिटेन द्वारा एक जुलाई, 1997 को हांगकांग की संप्रभुता चीन को सौंप दी गई थी। इस व्यवस्था में उसे कुछ स्वतंत्रताएं मिलीं जो बाकी चीन को प्राप्त नहीं हैं।

चीन ने पत्र में कहा है कि 23 साल पहले हांगकांग चीन को लौटाए जाने के बाद से हांगकांग ने अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन नहीं किया है। उसमें कहा गया है कि हांगकांग की कानून प्रणाली में स्पष्ट खामियां है और उसे लागू करने की प्रणाली का अभाव है। हांगकांग में विरोधी तत्वों ने चीन के प्रति अलगाववाद फैला दिया है। यहां आए दिन तोड़फोड़, घुसपैठ और विध्वंसक गतिविधि चलाने के लिए बाहरी तत्वों से हाथ मिला लिया है।"

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