China की कंपनियों ने पाकिस्तानी कर्मचारियों को अपने ही देश में नमाज अदा करने से रोका

Highlights

  • मौलाना ने सोशल मीडिया (Social media) पर पाकिस्तानियों से आग्रह किया कि वह इसे नजरअंदाज न करें और इसके खिलाफ आवाज उठाएं।
  • चीन में उइगर मुस्लिमों (Uighur Muslims) पर लगातार अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं, उनके साथ जानवरों जैसा बर्ताव हो रहा है।

By: Mohit Saxena

Updated: 30 Jun 2020, 07:38 PM IST

कराची। पाकिस्तान (Pakistan) में काम कर रही कुछ चीनी कंपनियां पाकिस्तानी कर्मचारियों को नमाज (Namaz) अदा करने के लिए इजाजत नहीं देती हैं। यह दावा पाकिस्तान के एक मौलाना ने किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अब इसके खिलाफ विरोध शुरू हो गए हैं। 26 जून को सोशल मीडिया (Social media) पर जारी एक वीडियो में मौलाना ने लोगों को एकजुटता का संदेश देेते देखा गया। उन्होंने पाकिस्तानी कर्मचारियों से आग्रह किया हम इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते। यह देश उनका नहीं है। आपको डर है कि कही आपकी नौकरी न चली जाए, लेकिन आपकों को आत्मसम्मान के लिए लड़ना चाहिए।

चीन को दिक्कतें झेलनी पड़ सकती है

चीन पाकिस्तान का पुराना साथी रहा है। सैन्य साझेदार के साथ वह कई अर्थिक गतिविधियों में उसका सहयोगी रहा है। बीजिंग अपने यहां के चीनी मुस्लिमों, खास तौर से उत्तर पश्चिमी शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों के साथ जानवरों जैसा बर्ताव करता है। उसका रैवेये इन लोगों के प्रति हमेशा आक्रामक रहता है। जल्दी ही पाकिस्तानी जनता की राय पर चीन अपनी पकड़ खो सकता है। ऐसी स्थिति में पाकिस्तान के साथ काम करने में चीन को दिक्कतें झेलनी पड़ सकती है।

मुस्लिम आबादी पर अंकुश लगाया

यही नहीं चीन ने अपने यहां मुस्लिम आबादी पर अंकुश लगाया हुआ हैं। इसके लिए उसने व्यापक अभियान छेड़ा हुआ है। चीन की सरकार अपने यहां बहुमत वाले हान जाति के लोगों को ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, वहीं उइगर और अन्य अल्पसंख्यकों के बीच जन्म दर को काबू करने की कोशिश कर रही है।

उइगर मुसलमानों के साथ बेहद गंदा व्यवहार

बीते दिनों संयुक्‍त राष्‍ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि चीन के शिंजियांग प्रांत के मुस्लिम बहुल इलाके में मौजूद उइगर मुसलमानों के साथ बेहद गंदा व्यवहार किया जाता है। शिनजियांग के करमाय शहर में दाढ़ी वाले पुरुषों और बुर्का पहनने वाली महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग पर प्रतिबंध है। इसके साथ उन्हें मुस्लिम रिवाजों को छोड़कर चीन के रिवाजों को अपनाने के लिए कहा जा रहा है।

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