कोरोना संकट से निपटने के लिए श्रीलंका ने शवों का दाह-संस्कार अनिवार्य किया

Highlights

  • मुस्लिम विरोध को श्रीलंका सरकार ने दरकिनार कर दिया।
  • 800 से 1200 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर जलाया जाएगा शव।

By: Mohit Saxena

Updated: 14 Apr 2020, 01:17 PM IST

कोलंबो। कोरोना वायरस से बचने के लिए श्रीलंका ने अपने यहां मृतकों का दाह करना अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत अब तक यहां तीन मुस्लिम मृतकों के शव जला दिए गए हैं। इसके विरोध में मुस्लिम समुदाय खड़ा हो गया है। मगर श्रीलंका सरकार ने इस विरोध को दरकिनार कर दिया है।

श्रीलंका का कहना है कि इसकी वजह से शवों में संक्रमण फैलने की संभावना होती है। सरकार के गजट नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इन मृतकों के शवों को कम से कम 45 मिनट से एक घंटे के लिए 800 से 1200 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर जलाया जाएगा। स्वास्थ्य व क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्री के अनुसार सरकार इन शवों से भविष्य में किसी तरह के जैविक खतरे को खत्म करने के लिए यह कदम उठा रही है।

सुरक्षा के लिहाज से चिकित्सीय उपकरण भी जलाया जाए

श्रीलंका सरकार का कहना है कि मृतक के इलाज के लिए इस्तेमाल किए चिकित्सीय उपकरण को भी जला देने का निर्देश दिया गया है। इसे ताबूत में रखकर जलाया जाएगा। सरकार का माना है कि इस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए संक्रमित चीजों को जलाया जाना आवश्यक है। इसके अलावा फिर से उपयोग हो सकने वाले उपकरणें को ठीक से विसंक्रमित करने को कहा गया है। दाह के बाद बची राख मृतक के परिजनों को दी जा सकती है।

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