बांग्लादेश में रोआनू तूफान का कहर, 24 की मौत, 5 लाख बेघर

समुद्री तूफान रोआनू ने बांग्लादेश में भारी तबाही मचाई है। चक्रवात से तटीय इलाकों में बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए

By: सुनील शर्मा

Published: 22 May 2016, 09:46 AM IST

ढाका। समुद्री तूफान रोआनू ने बांग्लादेश में भारी तबाही मचाई है। चक्रवात से तटीय इलाकों में बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए। कई जगह जमीन धसक गई। चक्रवात के कारण 24 लोगों की मौत हो गई जबकि 100 से अधिक लापता हैं। 5 लाख लोग बेघर हो गए हैं। तूफान के कारण कई बंदरगाहों को बंद कर दिया गया। पूरे देश में बिजली आपूर्ति सेवा बाधित है।

शनिवार दोपहर 88 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आए चक्रवात ने बारीसाल-चटगांव क्षेत्र पर बहुत बुरा असर डाला है। तूफान से अन्य हिस्से भी प्रभावित हुए हैं। बांग्लादेश के आपदा प्रबंधन विभाग के महानिदेशक मोहम्मद रियाज अहमद ने बताया कि उत्तर पश्चिम चटगांव पर चक्रवात का सबसे बुरा असर पड़ा है। यहां 80 किलोमीटर की रफ्तार से आए तूफान के कारण नौ लोगों की मौत हो गई। भोला, नोआखाली, कोक्स बाजार तटीय जिलों में 3 लोगों की मौत हुई है।  बुनियादी ढांचे और अन्य नुकसान के हिसाब से चटगांव सबसे अधिक प्रभावित हुआ।

चक्रवात ने 40 हजार घरों व व्यावसायिक मकानों को नुकसान पहुंचाया। आपदा प्रबंधन मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि 5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। रोआनू की वजह से सैंकड़ों झोपडिय़ां नष्ट हो गई। पटुआखाली में 300 परिवार बाढ़ की चपेट में आ गए क्योंति तेज समुद्री लहर से रंगाबाली में बांध टूट गया। तेज हवा से पेड़ उखड़ जाने से रास्ते भी बंद हो गए। चटगांव के शाह अमानत अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट ने रोआनू के चलते अपना उड़ान परिचालन
निलंबित कर दिया। मौसम विभाग के बुलेटिन में ढाका, खुलना, बारीसाल, चटगांव और सिलहट में बहुत अधिक बारिश होने का अनुमान लगाया है।

राहत एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मोफज्जल हुसैन चौधरी माया ने बताया कि रोआनू जो स्थितियां पैदा कर सकता है,उसका मुकाबला करने के लिए हमने सभी तैयारियां की है। आपदा स्थलों से जिला प्रशासन बताया कि अकेले ग्रेटर चटगांव में ही 10 से अधिक लोगों की मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बांसखाली थाने के प्रभारी अधिकारी ने वहां 7 लोगों के मरने की रिपोर्ट दी है। वे डूबकर या भूस्खलन की चपेट में आने से मारे गए। भोला में एक नाबालिग और एक महिला चक्रवात के पहले शिकार बने। चक्रवात दक्षिण पश्चिम दिशा से तटीय रेखा की ओर तेजी से बढ़ा। दोपहर बाद उष्णकटिबंधीय चक्रवात क्रमिक रूप से ढीला पड़ गया।
सुनील शर्मा
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