बिल पर छूट लेने के लिए यहां पहले लेना पड़ता है मौत का अनुभव

मौत का अनुभव शोध में काम आ रहा है।ये कैफे एक शोधकर्ता ने बनाया है

By: Saif Ur Rehman

Published: 20 May 2018, 01:17 PM IST

बैंकॉक। डिस्काउंट ऑफर किसे पसंद नहीं होते हैं लेकिन अगर छूट के लिए ग्रहाकों को मौत के अनुभव से गुजरना पड़े तो डर तो जरूर लगता है। थाईलैंड में एक 'डेथ कैफे' काफी मशहूर हो रहा है। इस रेस्तरां की खासियत ये है कि अगर कोई ग्राहक बिल में छूट मांगता है तो उसे ताबूत में रहना पड़ता है। छूट के लिए ‘ताबूत’ में 3 मिनट तक मौत से जूझने की शर्त को पार करने की दहशत इसकी मुख्य वजह है।

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मौत का अनुभव

ये ‘डेथ कैफे’ बैंकॉक स्थित सेंट जॉन्स यूनिवर्सिटी में बौद्ध धर्म और निर्वाण पर शोध कर रहे असिस्टेंट प्रोफेसर वीरानुत रोजनप्रपा का आइडिया है। ये डेथ कैफे उनके शोध के विषय में से एक है। इस कैफ के जरिए वह अपना शोध पूरा कर रहे हैं। इसका मकसद लोगों को मौत का अनुभव दिलाकर उनमें लालच, मोह-माया और स्वार्थ की भावना का अंत करना है।वीरानुत के अनुसार उनते शोध का विषय है कि कैसे लालच कम होता है, कैसे भ्रष्ट्राचार कम होता है और थाईलैंड में पारदर्शिता कैसी बढ़ेगी है। बता दें कि थाईलैंड में 90% बौद्ध आबादी है।

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वीरानुत बताते हैं कि हर मेज के नीचे ताबूत बनाया गया है। ताबूत के दरवाजे तीन मिनट के लिए बंद हो जाते हैं। उसके अंदर न तो रोशनी और न ही हवा होती है। व्यक्ति को लगता है कि उसका दम घुट रहा है। अब जिंदगी में कुछ भी नहीं बचा है। ज्यादातर ग्राहक ताबूत में जाने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाते। जो इसके लिए तैयार होते हैं, वे ताबूत से पसीने लथपथ और कांपते हुए बाहर निकलते हैं। ग्राहक बिल में 10 फीसदी की छूट को मौत की दहशत को करीब से महसूस करने के लिए काफी नहीं मानते। ऐसे ग्राहकों को कैफे मुफ्त में पसंदीदा मिठाई या केक देने का प्रस्ताव रखता है। 15 साल की एक लड़की ने अपने अनुभन को साझा करते हुए बताया कि जब आप ताबूत में होते हैं तो बिल्कुल ऐसा महसूस होता है कि जैसे आप मर गए हों।

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