रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह Russia से लौटते हुए अचानक पहुंचे ईरान, ये है सबसे बड़ी वजह

HIGHLIGHTS

  • रक्षा मत्री राजनाथ सिंह ( Defence Minister Rajnath Singh ) SCO समिट से हिस्सा लेने के बाद स्वदेश लौटते हुए अचानक ईरान पहुंचे।
  • राजनाथ सिंह का अचानक ईरान जाना कूटनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

By: Anil Kumar

Updated: 05 Sep 2020, 07:49 PM IST

नई दिल्ली। लद्दाख सीमा में चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में भाग लेने रूस पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ( Defence Minister Rajnath Singh ) ने एक तीर से दो शिकार करने की कोशिश की है। दरअसल, SCO की मंच से जहां एक ओर चीन को साफ संदेश दिया कि क्षेत्र में शांति बहाली के लिए जरूरी है कि सीमा पर से चीनी सैनिकों की वापसी हो।

वहीं दूसरी तरफ रूस से लौटते हुए रक्षा मंत्री अचनाक ईरान में लैंड कर गए। अब अचानक ईरान पहुंचे रक्षामंत्री के इस कदम से सभी हैरान हैं। चीन और पाकिस्तान के नापाक मंसबूों को देखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का अचानक ईरान में लैंड करना कूटनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।

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चूंकि अभी हाल के दिनों में चीन ईरान के काफी करीब आने की कोशिश की है और भारत को उनसे दूर करने की रणनीति बना रहा है। बीते कुछ दिनों में ईरान और चीन के बीच हजारों करोड़ रुपए का करार हुआ है। ये भी खबर सामने आई थी कि ईरान ने कई महत्वपूर्ण प्रॉजेक्ट से भारत को बाहर कर दिया और अब चीन उसमें निवेश करेगा। ऐसे में चीन की नापाक हरकतों और इरादों को ध्वस्त करने के लिहाज से राजनाथ सिंह का ईरान जाना काफी महत्वपूर्ण है।

भारत की कूटनीति में फंसा चीन

आपको बता दें कि मॉस्को में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में तमाम सहयोगी देशों के रक्षा मंत्रियों ने भाग लिया। लेकिन इसमें सबसे महत्वपूर्ण था चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगे ( Wei Fenghe ) का भारत के रक्षा मंत्री के साथ मुलाकात। चूंकि भारत ने पहले ही साफ कर दिया था कि चीनी रक्षा मंत्री के साथ मुलाकात नहीं होगी। लेकिन चीन लगातार कोशिश करता रहा कि राजनाथ सिंह से बातचीत हो जाए। आखिरकार देर रात साढ़े नौ बजे दोनों नेताओं की मुलाकात हुई।

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इस बैठक में भी भारत ने दो टूक जवाब देते हुए चीन से साफ कर दिया कि सीमा पर तनाव को कम करने के लिए जब तक चीन अपने सैनिकों को पीछे नहीं हटाता है तब तक कोई भी सार्थक बातचीत संभव नहीं है। वहीं, दूसरी तरफ रूसी रक्षा मंत्री से मुलाकात करते हुए राजनाथ सिंह ने कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। साथ ही साथ कई महत्वपूर्ण रक्षा सौदों पर भी बातचीत की। इस बातचीत में रूस ने भारत के प्रति अपना समर्थन जताते हुए पाकिस्तान को हथियार न बेचने का भी आश्वासन दिया है।

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