अगले एक हफ्ते में FATF पाकिस्तान को कर सकता है ब्लैकलिस्ट, आतंक पर नहीं लगा पाया है लगाम

अगले एक हफ्ते में FATF पाकिस्तान को कर सकता है ब्लैकलिस्ट, आतंक पर नहीं लगा पाया है लगाम
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Kapil Tiwari | Updated: 11 Oct 2019, 10:09:35 AM (IST) एशिया

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की 12 से 18 अक्टूबर के बीच एक मीटिंग होगी, जिसमें पाकिस्तान के भविष्य को लेकर फैसला होगा।

नई दिल्ली। आतंक को पालने वाला मुल्क पाकिस्तान आने वाले दिनों में बहुत बड़ी मुसीबत में फंस सकता है। दरअसल, 12 से 18 अक्टूबर के बीच में इस बात का फैसला हो जाएगा कि पाकिस्तान फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की तरफ से ब्लैकलिस्ट किया जाएगा या नहीं। आपको बता दें कि 12 से 18 अक्टूबर के बीच में FATF की मीटिंग होने है, जिसमें पाकिस्तान के भविष्य पर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। बता दें कि टेरर फंडिंग के मामले में FATF ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखा था, जिसके बाद से ही उसपर ब्लैकलिस्ट होने का खतरा मंडरा रहा है।

ब्लैकलिस्ट होने से बचने के लिए पाकिस्तान को करने थे ये 40 काम

फ्रांस की राजधानी पैरिस में 12 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक FATF की बैठक होनी है। इस मीटिंग से पहले खबर है कि पाकिस्तान ने बैठक के लिए अपनी कॉम्पलियांस रिपोर्ट यानी अनुपालन रिपोर्ट तैयार कर ली है। हालांकि इसके बावजूद भी पाकिस्तान का बचना बहुत ही मुश्किल है। FATF ने पिछले साल जून में पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' यानी निगरानी वाले देशों की सूची में डाल दिया था। उसने टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ कारगर एक्शन के लिए 40 सिफारिशें की थीं, जिस पर पाकिस्तान को अक्टूबर 2019 तक अमल करना था। इन पर अमल न करने पर उसे उसी तरह ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है जैसे ईरान और नॉर्थ कोरिया को किया गया है।

पाकिस्तान ने FATF की सिफारिशों को नहीं किया है पूरा

पाकिस्तान की हालिया स्थिति को देखते हुए उसके बचने के चांस बहुत ही कम हैं। पाकिस्तान FATF की ग्रे लिस्ट से निकलने के लिए छटपटा रहा है। शनिवार को FATF के एशिया पैसिफिक ग्रुप की तरफ से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि FATF ने मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग पर लगाम के लिए जो 40 सिफारिशें की थी, उसमें से सिर्फ कुछ का ही पाकिस्तान ने पूरी तरह से पालन किया है। 4 सिफारिशों पर तो पाकिस्तान ने कोई भी कदम नहीं उठाया है। ऐसे में वह या तो ब्लैकलिस्ट होगा या फिर ग्रे लिस्ट में बरकरार रहेगा क्योंकि उसे क्लीन चिट की संभावना बिलकुल नहीं है।

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