आखिर क्यों Pakistan की मांग को जर्मनी ने ठुकराया, इस तकनीक को देने से किया इनकार

Highlights

  • पाकिस्तान (Pakistan) ने अपनी पनडुब्बियों के लिए एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) मांगा था।
  • 2017 में काबुल (Kabul) में जर्मनी के दूतावास के पास हुए हमले के दोषियों को सजा दिलाने में पाक नाकाम हुआ था।

By: Mohit Saxena

Published: 25 Aug 2020, 01:05 PM IST

बर्लिन/इस्लामाबाद। जर्मनी (Germany) ने पाकिस्तान (Pakistan) को खास तकनीक को देने से इनकार कर दिया है। अपनी पनडुब्बियों की ताकत को बढ़ाने के लिए पाक ने जर्मनी से एक खास तकनीक की मांग की थी। मगर इसे एंजिला मर्केल (Angela Merkel) प्रशासन ने देने से मना कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान ने अपनी पनडुब्बियों के लिए एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) मांगा था। AIP की मदद से पनडुब्बियां हफ्तों पानी के नीचे रह सकती हैं।

अमरीका भी पाकिस्तान को ताकतवर बनता हुआ नहीं देखना चाहता है

जर्मनी और पाकिस्तान के संबंध आजादी के बाद से ही बेहतर रहे हैं। मगर बीते कुछ समय से पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों को देखते हुए उस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बन गया है कि वह ऐसे मुल्क को कई ऐसी तकनीकी मदद न दे जिससे अन्य देशों को परेशानी सामना करना पड़े। पनडुब्बियों की ताकत बढ़ने से भारत की नौसेना के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। जर्मनी और भारत के भी बेहतर संबंध रहे हैं। इसके साथ अमरीका भी पाकिस्तान को ताकतवर बनता हुआ नहीं देखना चाहता है।

पनडुब्बियां अपग्रेड कर रहा है पाक

जर्मन फेडरल सिक्यॉरिटी काउंसिल ने पाकिस्तान को छह अगस्त को ये फैसला सुना दिया था। पाकिस्तान ने AIP तकनीक को मांगा था ताकि उसकी पनडुब्बियां ज्यादा समय तक समुद्र की गहराइयों में रह सकें। उन्हें सतह पर ना आना पड़े। AIP सिस्टम से पनडुब्बियों की जंगी क्षमता भी बड़ जाती है। इससे इंजन बिना बाहरी हवा के हफ्तों भर तक चल सकता है। दरअसल परंपरागत पनडुब्बियों को हर दूसरे दिन सतह पर आना पड़ता है। इससे उनके पकड़े जाने का खतरा बढ़ जाता है।

इसलिए जर्मनी ने ठुकराया

रिपोर्ट के अनुसार जर्मनी ने पाकिस्तान को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उसकी आतंकवाद को लेकर नरमी अपनाया जाना नाकामी की वजह साबित हुआ है। खासकर 2017 में काबुल में जर्मनी के दूतावास के पास हुए बम धमाके के दोषियों को सजा दिलाने में पाकिस्तान असफल रहा है। करीब 150 लोगों की जान लेने वाले धमाके में हक्कानी नेटवर्क का हाथ है। इसे लगातार पाकिस्तान का समर्थन मिल रहा है।

पाक ने कुछ दिन पहले ही फाइनेंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ‘ग्रे लिस्ट’से बाहर आने के लिए अपने 88 प्रतिबंधित आतंकी संगठनों और इनके आकाओं पर कार्रवाई करने का मन बनाया है। हालांकि विशेषज्ञ इसे ढोंग बता रहे हैें। इस लिस्ट में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का नाम भी शामिल है। जो दर्शाता है कि पाकिस्तान ने मान लिया है कि दाऊद उसी के यहां पर मौजूद है। हालांकि वह इस बात से इनकार कर रहा है। इस लिस्ट में हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकियों और उनके संगठनों के नाम भी शामिल है।

Show More
Mohit Saxena
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned