हांगकांग: लोकतंत्र समर्थकों की भीड़ पर हमला, 45 लोग घायल

हांगकांग: लोकतंत्र समर्थकों की भीड़ पर हमला, 45 लोग घायल

Anil Kumar | Updated: 22 Jul 2019, 01:47:35 PM (IST) एशिया

  • Hong Kong extradition bill को लेकर हांगकांग में प्रदर्शनकारियों का विरोध जारी है
  • हांगकांग एक स्वायत्तशासी राज्य है, जो चीन के अधीन है

हांगकांग। विवादित प्रत्यर्पण बिल को लेकर हांगकांग में लोगों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। लाखों की संख्या में एक बार फिर से लोग सरकार के खिलाफ विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस के साथ जारी संघर्ष के बीच कम से कम 45 लोगों के घायल होने के समाचार आ रहे हैं।

गैंगस्टरों द्वारा लोकतंत्र समर्थकों पर संदिग्ध हमले के बाद देश भर में हालात बेकाबू हो रहे हैं। ताजा संघर्ष में दर्जनों बेगुनाह लोग भी घायल हो गए हैं। इन घटनाओं के बाद इस चीनी शहर में एक राजनीतिक उथल-पुथल नाटकीय रूप से बढ़ गया है।

लोकतंत्र समर्थकों पर हमला

मार्च से वापस लौट रहे लोगों पर हांगकांग के यूइन लोंग जिले में एक रेलवे स्टेशन पर सशस्त्र नकाबपोशों की भीड़ ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई एक फुटेज में सफेद टी-शर्ट पहने लोगों ने प्लेटफॉर्म तथा ट्रेन की बोगियों में लोगों पर हमला कर दिया। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार देर रात हुई इस घटना में 45 लोग घायल हो गए।

हांगकांग के मध्य में लोकतंत्र समर्थित रैली के निकाले जाने के बाद भीड़ ने लोकतंत्र समर्थकों पर हमला किया है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भीड़ किसकी थी और हमले का उद्देश्य क्या था। सरकार ने एक बयान में कहा कि युइन लोंग में कुछ लोगों ने एमटीआर स्टेशन और ट्रेन की बोगियों में जाकर यात्रियों पर हमला कर दिया।

तेज हुआ आंदोलन

चीनी शासन के खिलाफ सालों से बढ़ते जा रहे आक्रोश से पैदा हुआ यह विरोध-प्रदर्शन फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। पुलिस और उग्र प्रदर्शनकारियों के बीच लगातार हिंसक झड़पों की घटनाएं सामने आती जा रही है।

हांगकांग: प्रत्यर्पण बिल को सरकार ने अनिश्चित समय के लिए टाला, चीन ने किया समर्थन

पिछले सात सप्ताह से हांगकांग में रैलियां आयोजित की जाती रही हैं और इसी कड़ी में रविवार को भी रैली निकाली गई। प्रदर्शनकारियों ने कई बार मार्च भी निकाला।

हालांकि लोगों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने फिलहाल प्रत्यर्पण बिल को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। लेकिन इस बिल के कारण उपजे विवाद ने हांगकांग में हाल के वर्षों का सबसे गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।

हांगकांग में प्रदर्शन

पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हिंसक झड़प

रविवार को एक बार फिर से प्रदर्शनकारियों ने व्यापक स्तर पर प्रत्यर्पण बिल ( extradition bill ) के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प भी हुई। पुलिस ने प्रदर्नशकारियों पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।

सिविल मानवाधिकार मोर्चा जो इस मार्च का आयोजक है, ने रविवार को बताया कि इस विरोध-प्रदर्शन में 430,000 लोगों ने भाग लिया, जबकि पुलिस ने इस आंकड़े को 138,000 बताया है।

हांगकांग के प्रत्यर्पण कानून पर जारी है विवाद, हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरे लोग

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जगह-जगह पर बैरिकेट किया था, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने कनॉट रोड सेंट्रल और कनॉट रोड वेस्ट के मुख्य मार्गों पर कब्जा करना शुरू कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों का एक और समूह संपर्क कार्यालय की ओर बढ़ा।

इसके बाद प्रदर्शनकारी भी अंतिम अपील के कोर्ट के बाहर एकत्र हुए, जहां पर पुलिस ने सभी को रोक दिया। जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हिंसक झड़प शुरू हो गई।

हांगकांग में प्रदर्शन

क्यों हो रहा है इस बिल का विरोध?

विशेषज्ञों का दावा है कि विवादित प्रत्यर्पण बिल पास होने से चीन सरकार कभी भी हांगकांग के लोगों को राजनैतिक या अनजाने में हुए व्यावसायिक अपराधों के चलते उन्हें अपने कब्जे में ले सकती है।

इस कानून के चलते हांगकांग के लोगों पर हर वक्त चीन की चपेट में आने का खतरा बरकरार रहेगा।

हांगकांग पर सामने आया चीन का झूठ, दुनिया की आंखों में इस तरह झोंक रहा है धूल

साथ ही इससे शहर की अर्द्ध स्वायत्त कानून प्रणाली भी कमजोर होगी। यही नहीं संयुक्त राज्य अमरीका और यूरोपीय संघ (EU) ने भी इस बिल की आलोचना की थी।

हांगकांग स्थित EU कार्यालय ने इसके विरोध में आधिकारिक रूप से डिमार्श (विरोध पत्र) जारी किया है।

Read the Latest World News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले World News in Hindi पत्रिका डॉट कॉम पर. विश्व से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर.

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned