Imran Khan ने हुर्रियत नेता सैयद गिलानी को बताया पाकिस्तानी, सम्मान में आधा झुकाया झंडा

अलगाववादी हुर्रियत नेता Syed Ali Shah Geelani को Imran Khan ने बताया पाकिस्तानी, बाजवा ने भी भारत पर लगाए आरोप

By: धीरज शर्मा

Updated: 02 Sep 2021, 01:01 PM IST

नई दिल्ली। जम्‍मू-कश्‍मीर ( Jammu-Kashmir ) में अलगाववादी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी ( Syed Ali Geelani ) के निधन पर भी पाकिस्‍तान ( Pakistan ) बाज नहीं आया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ( Imran Khan ) ने सैयद गिलानी को ‘पाकिस्‍तानी’ बता दिया। यही नहीं पाकिस्तान पीएम ने गिलानी के सम्मान में देश के झंड़े को भी आधा झुका दिया।

पाकिस्तान के नापाक हरकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को फैलाने में जुटे गिलानी के निधन के बाद इमरान ने पाकिस्तान में एक दिन के राष्‍ट्रीय शोक का भी ऐलान किया है।

यह भी पढ़ेंः Syed Ali Shah Geelani Death: हुर्रियत नेता गिलानी के निधन के बाद घाटी में इंटरनेट सस्पेंड

पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट कर अपनी नापाक हरकतों का एक और सबूत दिया है। खान ने ट्वीट कर लिखा- ‘कश्‍मीरी नेता सैयद अली शाह गिलानी के निधन की खबर सुनकर बहुत दुखी हूं। गिलानी जीवनभर अपने लोगों और उनके आत्‍मनिर्णय के अधिकार के लिए लड़ते रहे। भारत ने उन्‍हें कैद करके रखा और प्रताड़ित किया।'

इमरान ने कहा, 'हम पाकिस्‍तान में उनके संघर्ष को सलाम करते हैं। उनके शब्‍दों को याद करते हैं- हम पाकिस्‍तानी हैं और पाकिस्‍तान हमारा है। पाकिस्‍तान का झंडा आधा झुका रहेगा और हम एक दिन का आधिकारिक शोक मनाएंगे।'

पाकिस्तानी जनरल ने भारत पर लगाया ये आरोप
हुर्रियत नेता गिलानी के निधन पर पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा दुख जताया। उन्होंने कहा कि, गिलानी कश्मीर के स्वतंत्रता आंदोलन के अगुवा थे।

गिलानी के निधन से दुखी बाजवा ने भारत पर गिलानी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
वहीं पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने गिलानी को कश्‍मीरी आंदोलन का पथ प्रदर्शक बताया। कुरैशी ने कहा कि वह नजरबंदी के बाद भी अंतिम सांस तक संघर्ष करते रहे।

यह भी पढ़ेंः सैयद अली शाह गिलानी: जिए और मरे भारत में, मगर खुद को कभी नहीं माना भारतीय, जिंदगीभर की पाकिस्तान की तरफदारी

बता दें कि हुरुर्यित नेता सैयद शाह गिलानी को पाकिस्तान ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी नवाजा था। दरअसल गिलानी की एक आवाज पर कश्मीर बंद हो जाया करता था, लेकिन समय के साथ कश्मीर की जनता गिलानी के नापाक इरादों को समझ गई थी और एक वक्त ऐसा भी आया जब कश्मीर की जनता ने गिलानी का ही बायकॉट कर दिया था।

धीरज शर्मा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned