रूस में इस खास टोपी के लिए सैनिकों ने मुश्किल हालात में लगाई दौड़

रूस में इस खास टोपी के लिए सैनिकों ने मुश्किल हालात में लगाई दौड़

Mangala Prasad Yadav | Publish: Oct, 13 2018 03:56:15 PM (IST) | Updated: Oct, 13 2018 03:56:16 PM (IST) एशिया

बड़ी संख्या में सैनिकों ने सम्मान स्वरूप खास टोपी ‘मरून बेरेत’ को पाने के लिए आठ किलोमीटर लंबी और मुश्किल दौड़ लगाई।

मॉस्कोः रूस के मॉरदोविया में सैनिकों ने सम्मान स्वरूप खास टोपी ‘मरून बेरेत’ के लिए दौड़ लगाई। कीचड़ से युक्त आठ किमी दौड़ में बड़ी संख्या में सैनिकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान ट्रेनर ने जवानों के मानसिक रूप और आत्मविश्वास की भी परिक्षण किया। दौड़ के दौरान कई सैनिक कीचड़ में गिर गए लेकिन उसके बावजूद अपने लक्ष्य को पूरा किया। बता दें कि रूस में ‘मरून बेरेत’ टोपी सैनिकों के लिए काफी अहमियत रखती है क्योंकि यह साहस और योग्यता का प्रतीक मानी जाती है।

ऐसी पूरी करनी पड़ी है सैनिकों को दौड़

सीमा पर देश की सुरक्षा करने वाले सैनिकों को ट्रेनिंग के दौरान न जाने कितनी मुश्किलें झेलनी पड़ती है। यहीं नहीं रूस में सम्मान स्वरूप मिलने वाली खास टोपी के लिए सैनिकों को आठ किलोमीटर की मुश्किल दौड़ पूरी करनी पड़ती है। ये दौड़ कीचड़ से भरे कठिन रास्तों पर करनी होती है। जवानों की मुस्तैदी और आत्मविश्वास को देखने के लिए छोटे हथियारों से गोलियां भी चलाई जाती हैं। ट्रेनर सैनिकों की दौड़ का निरीक्षण करता है उसके बाद दौड़ में पास होने वाली सैनिकों को खास टोपी ‘मरून बेरेत’ दी जाती है। ‘मरून बेरेत’ को रूसी सेना में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान शामिल किया गया था। यह टोपी सैनिकों के लिए साहस और योग्यता की प्रतीक होती है।

 

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