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तुर्की के राष्ट्रपति का दावाः सुनियोजित तरीके से हुई पत्रकार खाशोगी की हत्या

तुर्की के राष्ट्रपति ने सऊदी अरब के उस दावे का खारिज कर दिया जिसमें पत्रकार जमाल खाशोगी की मौत को 'आकस्मिक' बताया गया है।
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नई दिल्ली

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Mangala Prasad Yadav

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Updated: 23 Oct 2018, 9:40 PM IST

अंकाराः तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने मंगलवार को सऊदी अरब के उस दावे का खारिज कर दिया जिसमें पत्रकार जमाल खाशोगी की मौत को 'आकस्मिक' बताया गया है। उन्होंने कहा कि यह 'पूर्व नियोजित' और 'क्रूर' हत्या थी। इसके साथ ही उन्होंने सऊदी अरब से इस हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को मुकदमे का सामना करने के लिए तुर्की को सौंपने का आग्रह किया। एर्दोगन ने सत्तारूढ़ जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी के संसदीय समूह की बैठक में अपने संबोधन में कहा, "तुर्की सुरक्षा सेवा के पास सबूत है कि (खाशोगी की) हत्या सुनियोजित तरीके से की गई। तुर्की और विश्व को तभी संतुष्टि मिलेगी जब इस हत्या के सभी योजनाकारों और दोषियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

रेसेप तैयप एर्दोगन ने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराध को करना और इसे छिपाना मानवता के जमीर के खिलाफ है।" एर्दोगन ने दावा किया कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के कटु आलोचक खाशोगी अपने विवाह संबंधी दस्तावेज लेने 28 सितंबर को पहली बार इस्तांबुल में सऊदी वाणिज्यिक दूतावास आए थे। उनके इसी दौरे के साथ उनकी हत्या की योजना बनाई गई। उन्होंने कहा कि खाशोगी के लापता होने से एक दिन पहले सऊदी नागरिकों का तीन समूह इस्तांबुल आया। इनमें तीन सदस्यों का वह समूह भी शामिल था, जो बेलग्राड फारेस्ट गया था। यह वही जगह है जिसकी तुर्की जांचकर्ताओं ने लापता पत्रकार के अवशेषों के संभावित ठिकाने के रूप में तलाश की थी।

तुर्की राष्ट्रपति ने कहा, "सऊदी नागरिकों का अन्य नौ सदस्यीय दल, जिसमें जनरल भी शामिल थे, 2 अक्टूबर को तड़के एक निजी जेट विमान से यहां पहुंचा। जब खाशोगी महावाणिज्य दूत से मुलाकात करने के लिए गए तो 15 सदस्यीय मजबूत समूह ने खाशोगी की अगवानी की, जबकि उनकी मंगेतर बाहर इंतजार करती रही।" राष्ट्रपति ने कहा, "खाशोगी उस दिन दोपहर को दूतावास के अंदर गए और फिर दोबारा कभी बाहर नहीं आए। कथित हत्या से पहले वाणिज्य दूतावास के कैमरा सुरक्षा नेटवर्क की हार्डडिस्क को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।" उन्होंने कहा, "मैंने (सऊदी अरब के शाह) किंग सलमान से 14 अक्टूबर को बातचीत की और एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया। इसके बाद हमारे अधिकारी वाणिज्यिक दूतावास और वाणिज्य दूत के आवास में प्रवेश कर सके। हत्या के 17 दिन बाद सऊदी अरब ने माना कि खाशोगी की वाणिज्य दूतावास के अंदर हत्या कर दी गई।