Islamabad में सरकारी मदद से बनने वाले मंदिर की नीव तोड़ी, कट्टरपंथियों ने जमीन पर जबरन अजान दी

Highlights

  • कट्टरपंथियों की कायराना हरकत को लेकर अल्‍पसंख्‍यकों ने कड़ी आलोचना की है, इमरान खान (Imran Khan) सरकार ने पूरे मामले पर चुप्‍पी साध रखी है।
  • मंदिर (Krishna Mandir) के निर्माण के लिए इमरान खान सरकार ने 10 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है, कट्टरपंथियों ने इसके खिलाफ फतवा जारी किया है।

By: Mohit Saxena

Updated: 07 Jul 2020, 08:36 PM IST

इस्‍लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) की राजधानी इस्लामाबाद (Islamabad) में पहली बार एक भव्य कृष्ण मंदिर (Krishna Mandir) का निर्माण होने जा रहा है। मगर इसके निर्माण को लेकर यहां के कट्टरपंथी रोड़ा डाल रहे हैं। पहले इस मंदिर के निर्माण पर रोक लगवाई और अब मंदिर की जमीन पर जबरन अजान पढ़ना शुरू कर दिया है। यही नहीं मंदिर की नींव को भी कुछ मजहबी गुटों ने बीते दिनों ढहा दिया ।

निर्माण को लेकर बवाल मचा

एक तरफ पाकिस्‍तानी कट्टरपंथियों ने इस निर्माण को लेकर बवाल मचा रखा है, वहीं इमरान खान सरकार ने पूरे मामले पर चुप्‍पी साध रखी है। कट्टरपंथियों की कायराना हरकत की अल्‍पसंख्‍यकों ने कड़ी आलोचना की है। उन्‍होंने कहा कि देश में अल्‍पसंख्‍यकों के खिलाफ असहिष्‍णुता बढ़ती जा रही है।

फतवे के बाद इस मंदिर के निर्माण पर रोक

गौरतलब है कि इमरान सरकार ने बीते दो दिन पहले ही मुस्लिम कट्टरपंथियों के फतवे के बाद इस मंदिर के निर्माण पर रोक लगा दी। इस मंदिर का निर्माण पाकिस्‍तान के कैपिटल डिवेलपमेंट अथॉरिटी के जिम्मे था। पाकिस्‍तान सरकार ने अब मंदिर के संबंध में इस्‍लामिक ऑइडियॉलजी काउंसिल से सलाह लेने का निर्णय लिया है।

धार्मिक पहलू देखने के बाद होगा फैसला

धार्मिक मामलों के मंत्रालय के प्रवक्‍ता के अनुसार धार्मिक पहलू को देखने के बाद मंदिर को बनाने पर फैसला लिया गया। उन्‍होंने कहा कि पीएम इमरान खान अल्‍पसंख्‍यकों के पूजा स्‍थलों के लिए फंड जारी करने पर निर्णय लेंगे। मंदिर के निर्माण पर रोक लगाने के बाद उन्‍होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्‍तान में अल्‍पसंख्‍यकों के अधिकारों की रक्षा की जाएगी।

मंदिर निर्माण के खिलाफ फतवा जारी

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पहला मंदिर बनाने के ऐलान के बाद ही हंगामा शुरू हो गया। कई कट्टरपंथी धार्मिक संस्थाओं ने सरकार के फैसले का विरोध कर इसे इस्लाम विरोधी तक करार दिया है। कुछ समय पहले ही इस मंदिर के निर्माण की आधारशिला रखी गई थी। इसके निर्माण के लिए इमरान खान सरकार ने 10 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है।

सरकारी धन के खर्च पर बवाल

मजहबी शिक्षा देने वाले संस्थान जामिया अशर्फिया के अनुसार गैर मुस्लिमों के लिए मंदिर या अन्य धार्मिक स्थल बनाने में सरकारी धन खर्च गलत है। इसी संस्था ने मंदिर निर्माण को लेकर फतवा जारी किया और कहा कि अल्पसंख्यकों (हिंदुओं) के लिए सरकारी धन से मंदिर निर्माण में कई सवाल खड़े हुए हैं।

Mohit Saxena
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