म्यांमार सेना ने रखाइन प्रांत में किया हवाई हमला, 20 से अधिक रोहिंग्या लोगों की मौत

म्यांमार सेना ने रखाइन प्रांत में किया हवाई हमला, 20 से अधिक रोहिंग्या लोगों की मौत

Anil Kumar | Publish: Apr, 08 2019 01:52:06 AM (IST) एशिया

  • म्यांमार की सेना ने 3 अप्रैल को रखाइन प्रांत में किया था हवाई हमला।
  • एआरएसपीएच ने बताया कि इस हमले में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई।
  • लाखों रोहिंग्या समुदाय के लोग भारत व बांग्लादेश में अवैध तरीके से रह रहे हैं।

ढाका। म्यांमार की सेना द्वारा रखाइन प्रांत में 3 अप्रैल को किए गए हवाई हमले में 20 लोगों की मौत हो गई जबकि 50 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इस बात की जानकारी रोहिंग्या समुदाय के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले एक समूह ने दी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अराखान रोहिंग्या सोसायटी फॉर पीस एंड ह्यूमैन राइट्स (एआरएसपीएस) ने कहा कि फॉन न्यो लेक के पास झरना में रोहिंग्या समुदाय के निर्दोष ग्रामीण बांस इकट्टा कर रहे थे तभी म्यांमार सेना के हेलीकॉप्टर से उन पर हमले किए गए। एआरएसपीएच ने आगे अपने एक बयान में कहा कि इस हमले में 20 से ज्यादा लोग मारे गए और 50 से अधिक लोग जख्मी हो गए। बमबारी में अनेक लोगों की बाहें और टांगे उड़ गईं।

रोहिंग्या हिंदू शरणार्थी लौटना चाह रहे हैं म्यांमार, बांग्लादेश नहीं दे रहा इजाजत: रिपोर्ट

2017 में किया गया था एआरएसपीएच का गठन

बता दें कि एआरएसपीएच का गठन 2017 में पूर्व स्कूल अध्यापक मोहम्मद मोहिबुल्ला की अध्यक्षता में रोहिंग्या समुदाय के पलायन के बाद किया गया। एआरएसपीएच ने कहा कि हालांकि सेना ने पांच अप्रैल को एक बयान जारी करते हुए कहा कि छह रोहिंग्या मारे गए क्योंकि वे एक आतंकी गुट के साथ काम कर रहे थे। गौरतलब है कि रखाइन और आराकन इलाके में बसे रोहिंग्या समुदाय के लोगों को म्यांमार की सेना अलगाववादी और आतंकी समूह के तौर पर देखते है। म्यांमार सरकार ने कई आतंकी गतिविधियों में रोहिंग्या समुदाय के लोगों के शामिल होने की बात करते हुए उनपर कार्रवाई की है। लिहाजा लाखों की संख्या में रोहिंग्या समुदाय के लोग बांग्लादेश व भारत में अवैध तरीके से घुसपैठ कर रह रहे हैं।

 

Read the Latest World News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले World News in Hindi पत्रिका डॉट कॉम पर. विश्व से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर .

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned