म्यांमार: सेना ने केरन प्रांत में सशस्त्र समूह पर किए हवाई हमले, तीन हजार लोग भागे थाईलैंड

Myanmar Military Coup: इस साल फरवरी में हुए तख्तापलट के बाद से आम लोग लगातार सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और फिर से लोकतंत्र बहाल करने की मांग कर रहे हैं। सेना की कार्रवाई में अब तक 420 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

By: Anil Kumar

Updated: 28 Mar 2021, 08:40 PM IST

यांगून। म्यांमार में तख्तापलट के बाद से जहां एक ओर लगातार विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सेना की दमनात्मक कार्रवाई भी जारी है। अब इसी कड़ी में सेना ने दक्षिण-पूर्वी केरन प्रांत में रविवार को सशस्त्र समूह पर हवाई हमले किए। इसके बाद से करीब 3000 लोग थाईलैंड़ भाग गए हैं। बताया जा रहा है कि इन क्षेत्रों में सशस्त्र समूहों का कब्जा था। सेना की ओर से किए गए हवाई हमले के बाद लोगों के थाईलैंड भागने की जानकारी एक एक्टीविस्ट समूह व स्थानीय मीडिया ने दी है।

आपको बता दें कि बीते दिन शनिवार को सेना ने प्रदर्शनकारियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी, जिससे 114 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी। मरने वालों में बच्चे व महिलाएं भी शामिल हैं। करीब दो महीने से हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सेना की यह सबसे क्रूर कार्रवाई थी। इससे पहले 14 मार्च को सेना ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी, जिसमें 74 से 90 लोगों की मौत हो गई थी।

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इधर, प्रदर्शनकारी लोकतंत्र को फिर से बहाल करने की मांग को लेकर रविवार (28 मार्च) को भी सड़कों पर डटे रहे। मालूम हो कि फरवरी में हुए तख्तापलट के बाद से आम लोग लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सेना की कार्रवाई में अब तक 420 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

अमरीका समेत 12 देशों ने की कड़ी निंदा

इधर म्यामांर में सेना की इस क्रूर कार्रवाई को लेकर दुनियाभर में निंदा की जा रही है। अमरीका समेत दुनिया के 12 देशों ने म्यांमार में किए गए नरसंहार को लेकर सेना की निंदा की। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी सेना के इस कार्रवाई की घोर निंदा की है। UN महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि म्यांमार में बच्चों समेत महिलाओं व आम नागरिकों की हत्या से स्तब्ध हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा ‘म्यांमार में जारी सैन्य कार्रवाई अस्वीकार्य है और इसके खिलाफ कड़ी, एकजुट होकर कड़ोर अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया की जरूरत है’।

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अमरीकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इसकी घोर निंदा की। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि म्यांमार की सेना ने दिखाया है कि वह कुछ लोगों के लिए आमजन का जीवन छीन लेगी। अमरीका के समेत 12 देशों के रक्षा प्रमुखों ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए इसकी निंदा की है। इनमें ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, इटली, यूनान, जापान, डेनमार्क, हॉलैंड, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया शामिल है।

संयुक्त बयान में कहा गया है कि एक पेशेवर सेना अंतर्राष्ट्रीय मानकों का पालन करती है और लोगों को नुकसान पहुंचाने के बजाए उनकी रक्षा करती है। हम म्यांमार की सेना से अपील करते हैं कि वह इस हिंसक कार्रवाई को बंद करे और लोगों में अपना सम्मान व विश्वसनीयता फिर से कायम करने के लिए काम करे।

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