पाकिस्तान: पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ जेल से रिहा, बेटी और दामाद को भी राहत

अदालत ने संकेत दिया कि शरीफ को दोषी ठहराए जाने वाले सबूत बहुत कमजोर थे।

By: Siddharth Priyadarshi

Published: 20 Sep 2018, 09:29 AM IST

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनकी बेटी मरियम नवाज और दामाद मोहम्मद सफदर को बुधवार को जेल से रिहा कर दिया गया। इस्लामाबाद हाई कोर्ट द्वारा सजा पर रोक लगाने के आदेश के बाद नवाज शरीफ बुधवार देर शाम रिहा कर दिए गए। बता दें कि 6 जुलाई को नेशनल जवाबदेही कोर्ट ने नवाज शरीफ उनके बेटी मरियम और दामाद सफदर को क्रमशः 10, 7 और 1 साल की सजा सुनाई थी।

रिहा हुए नवाज शरीफ

लक्जरी संपत्तियों के मामले में जुलाई में नवाज शरीफ और उनके परिवार को दोषी ठहराया था। लेकिन इस्लामाबाद उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय खंडपीठ ने बुधवार को उनको बड़ी राहत दी। नवाज शरीफ के जेल में रहने से 25 जुलाई के चुनावों में उनकी राजनीतिक पार्टी को बहुत नुकसान पहुंचा था और इमरान खान ने लगभग एक तरफा जीत हासिल की थी। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को पर्यवेक्षकों ने पाकिस्तान की कानून व्यवस्था और व्यक्ति विशेष की आजादी के लिए न्यायिक संवेदना के रूप में देखा है । पर्यवेक्षकों ने कहा कि अदालत ने संकेत दिया कि शरीफ को दोषी ठहराए जाने वाले सबूत बहुत कमजोर थे।

जवाबदेही अदालत का फैसला गलत

शरीफ परिवार ने जवाबदेही अदालत के फैसले को इस्लामाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।जवाबदेही अदालत के फैसले के वक्त नवाज शरीफ लंदन में थे और वहां उनकी पत्नी कुलसुम नवाज का इलाज चल रहा था। दोषी ठहराए जाने के बाद नवाज और उनकी बेटी को स्वदेश वापसी के बाद लाहौर में गिरफ्तार कर अदियाला जेल भेज दिया गया था। बुधवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट का फैसला आते ही पीएमएल-नवाज गुट के कार्यकर्ता खुशी से झूम उठे।

जवाबदेही अदालत के विशेष वकील मोहम्मद अकरम कुरैशी ने शरीफ परिवार की रिहाई का विरोध किया। लेकिन हाईकोर्ट के जस्टिस अतहर मिनाल्लाह ने कहा, 'जवाबदेही ब्यूरो जांच के बाद भी एवनफील्ड पर नवाज शरीफ के मालिकाना हक को लेकर कोई सबूत पेश नहीं कर पाया है। जवाबदेही ब्यूरो चाहता है कि सिर्फ अनुमान के आधार पर कोर्ट मान ले कि इन सम्पत्तियों पर नवाज शरीफ का मालिकाना हक है।'

बदल सकता है शरीफ का राजनीतिक भाग्य

इस्लामाबाद हाईकोर्ट का बुधवार का निर्णय शरीफ की राजनीतिक किस्मत को फिर से स्थापित कर सकता है। इस फैसले में शरीफ के साथ बरी हुईं उनकी बेटी मरियम नवाज के लिए भी यह बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। माना जा रहा है अब पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज का नेतृत्व मरियम नवाज को मिल सकता है। जिन्हें पहले ही नवाज शरीफ के राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित किया जा चुका है।

इस साल की शुरुआत में अदालतों ने शरीफ और मरियम नवाज को जीवन के लिए राजनीतिक कार्यालय रखने से रोक दिया था। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने तथाकथित पनामा पत्रों में नाम उछलने पर पिछले साल नवाज शरीफ को प्रधान मंत्री कार्यालय से हटा दिया था। हालांकि शरीफ परिवार ने किसी भी गलत कार्य में संलिप्त होने और भ्रष्टाचार से इनकार कर दिया है। शरीफ के परिवार ने कहा था कि मामला राजनीति से प्रेरित है जिसे सेना का समर्थन हासिल है।

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