Nepal में सियासी संग्राम के बीच PM Oli के इस्तीफे पर अड़े प्रचंड, कहा- PAK मॉडल से नहीं चलेगा देश

HIGHLIGHTS

  • नेपाल की सत्ताधारी कम्यूनिस्ट पार्टी ( Nepal Communist Party ) के कार्यकारी चेयरमैन पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' ( Pushpa Kamal Dahal Prachanda ) लगातार पीएम ओली ( PM Oli ) की आलोचना करते हुए उनसे इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और अब वे इसपर अड़ गए हैं।
  • प्रचंड ने कहा 'हमने ऐसा सुना है कि सत्ता में बने रहने के लिए पाकिस्तान ( Pakistan ), अफगानिस्तान ( Afghanistan ) या बांग्लादेश मॉडल ( Bangladesh ) पर काम किया जा रहा है, यदि ऐसा है तो हम इस तरह के प्रयासों को सफल नहीं होने देंगे।

By: Anil Kumar

Updated: 26 Jun 2020, 04:20 PM IST

काठमांडू। भारत विरोधी ( Anti India ) और चीन समर्थित ( Pro China ) नीति के साथ देश में शासन करने वाली नेपाल की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ( Nepal Communist Party ) में अब सियासी संग्राम चरम पर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ( Prime Minister KP Sharma Oli ) के खिलाफ पार्टी के अंदर ही लोग बगावत पर उतर आए हैं और इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। ऐसे में अब ओली का राजनीतिक भविष्य पार्टी की स्टैंडिंग कमिटी ( Standing committee ) की बैठक में तय हो जाएगा।

पार्टी के विरोधी खेमे के तेवर देखकर ये माना जा रहा है कि ओली से पार्टी अध्यक्ष या प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा ले लिया जाएगा। ऐसा भी माना जा रहा है कि दोनों ही पदों से उनकी विदाई हो जाए।

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सबसे ज्यादा संभावना इस बात की है कि ओली को पीएम पद से हटाया जा सकता है, क्योंकि नेपाल की सत्ताधारी कम्यूनिस्ट पार्टी के कार्यकारी चेयरमैन पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' ( Pushpa Kamal Dahal Prachanda ) लगातार पीएम ओली की आलोचना करते हुए उनसे इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और अब वे इसपर अड़ गए हैं।

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आपको बता दें कि आज यानी शुक्रवार से दोबारा शुरू हुई स्टैंडिंग कमिटी की बैठक में क्या हो सकता है इसका अंदाजा बुधवार को हुई बैठक से लगाया जा सकता है। बुधवार की बैठक में दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा था। काठमांडू पोस्ट की एक रिपोर्ट में ये बताया गया है कि स्टैंडिंग कमिटी में विरोधी खेमे के दो सदस्यों के मुताबिक, ओली से प्रधानमंत्री का पद छोड़ने को कहा जाएगा। बता दें कि ओली स्टैंडिंग कमिटी में अल्पमत में हैं और उनपर आरोप भी अधिक हैं।

एक सदस्य ने कहा कि बुधवार की बैठक में जिस तेवर के साथ दहल ने अपनी बात रखी उससे ये साफ संदेश मिल जाता है कि ओली की स्थिति ठीक नहीं है। दहल ने ओली को साफ और कठोर संदेश दे दिया था।

प्रचंड ने कहा 'हमने ऐसा सुना है कि सत्ता में बने रहने के लिए पाकिस्तान ( Pakistan ), अफगानिस्तान ( Afghanistan ) या बांग्लादेश ( Bangladesh ) मॉडल पर काम किया जा रहा है, यदि ऐसा है तो हम इस तरह के प्रयासों को सफल नहीं होने देंगे। कोई भी हमें भ्रष्टाचार के नाम पर जेल में नहीं डाल सकता है। उन्होंने कहा कि सेना की मदद से देश को चलाना आसान नहीं है और ना ही पार्टी को तोड़कर विपक्ष के साथ सरकार चलाना संभव है।'

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अब अपने खिलाफ विरोध का माहौल बनते देख पीएम ओली ने गुरुवार को प्रचंड को अपने निवास पर बुलाया और शर्मिंदगी से बचने के लिए उन्होंने समझौते पर पहुंचने की कोशिश की। हालांकि, बात नहीं बन पाई। ऐसे में अब ये माना जा रहा है कि ओली की विदाई तय है। अब देखना होगा कि वे पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हैं या पीएम की कुर्सी छोड़ते हैं।

Anil Kumar
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