मसूद अजहर मामले पर चीन के रूख में कोई बदलाव नहीं, अमरीका के अल्टीमेटम को किया खारिज

  • मसूद अजहर के मामले पर चीन ने फिर से अपना रूख स्पष्ट कर दिया है।
  • चीन ने कहा है कि मसूद अजहर को ब्लैकलिस्ट किए जाने के मामले में सहयोगी देशों के साथ संवाद जारी है।
  • ब्रिटेन, फ्रांस व अमरीका ने यूएनएससी में मसूद को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव रखा था।

By: Anil Kumar

Updated: 17 Apr 2019, 09:41 PM IST

बीजिंग। पाकिस्तान की धरती से आतंक का कारोबार चलाने वाले आतंकी मसूद अजहर को अंतराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने को लेकर चीन ने एक बार फिर से अमरीका पर निशाना साधा है। बुधवार को चीन ने उन सभी आरोपों को खारिज कर दिया जिसमें अमरीका, ब्रिटेन व फ्रांस ने मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए अपनी तकनीकी बाधा को हटाने के लिए 23 अप्रैल तक अल्टीमेटम देने की बात कही गई थी। हालांकि चीन ने यह दावा किया है कि ये विवादित मामला समझौते की ओर धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

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फ्रांस, ब्रिटेन और अमरीका ने यूएन में दिया था प्रस्ताव

बता दें कि भारत के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से फ्रांस, ब्रिटेन और अमरीका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 1267 प्रतिबंध समिति में एक प्रस्ताव दिया था, जिसमें पाकिस्तान से संचालित जैश-ए-मौहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की मांग की गई थी। हालांकि इस मामले पर चीन ने एक बार फिर से अपने वीटो अधिकार का इस्तेमाल करते हुए मसूद को बचा लिया। इससे अमरीका, फ्रांस व ब्रिटेन ने चीन के प्रति नाराजगी भी जाहिर की थी। बाद में इसके बाद ब्रिटेन और फ्रांस के समर्थन से अमरीका सीधे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) चला गया। यहां पर चीन ने दलील दी कि मसूद के मामले को यूएनएससी 1267 प्रतिबंध समिति में हल किया जाना चाहिए जो कि संयुक्त राष्ट्र के अधीन ही काम करती है। इसके बाद 23 अप्रैल तक चीन ने इस मामले पर विचार करने के लिए समय मांगा।

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अजहर के मामले पर चीन के रूख में बदलाव नहीं

बुधवार को चीन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू ने कहा कि मुझे नहीं मालूम कि इस तरह के खबरें कहां से आती है। यूएनएससी और इसकी सहायक संस्था 1267 समिति दोनों के स्पष्ट नियम और प्रक्रियाएं हैं। उन्होंने कहा कि चीन चाहता है कि इस मसले का हल जल्द से जल्द हो लेकिन सभी सहयोगी देशों की सहमति से हो। किसी भी सदस्य देश को सहयोग के बिना संतोषजनक परिणाम हासिल नहीं किया जा सकता है। लू साफ कर दिया कि मसूद अजहर के मामले पर चीन के रूख में कोई बदलाव नहीं आया है। अजहर को ब्लैकलिस्ट करने के मामले में हम सभी पक्षों से बातचीत कर रहे हैं और आगे जारी रखेंगे। हालांकि इस दिशा में सकारात्क पहल की ओर हम सब बढ़ रहे हैं।

 

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