पनामा पेपर्स केस: कोर्ट ने दिया पाक के वित्त मंत्री को गिरफ्तार करने का आदेश

prashant jha

Publish: Nov, 15 2017 06:13:28 (IST)

Asia
पनामा पेपर्स केस: कोर्ट ने दिया पाक के वित्त मंत्री को गिरफ्तार करने का आदेश

अदालत ने वारंट जारी करते हुए सुनवाई में पेश ना होने की मांग करने वाली इशाक डार की याचिका खारिज कर दी।

इस्लामाबाद: पनामा पेपर्स लीक मामले में कोर्ट ने वित्त मंत्री इशाक डार को गिरफ्तार करने का आदेश जारी किया है। कोर्ट ने ये आदेश उस वक्त जारी किया गया जब वित्त मंत्री अदालत में एक बार भी पेश नहीं हुए। वित्त मंत्री इलाज का हवाला देते हुए भ्रष्टाचार विरोधी कोर्ट में एक बार भी पेश नहीं हुए। वित्त मंत्री डार आय से ज्यादा संपत्ति रखने के मामले में भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी ‘राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो’ (एनएबी) द्वारा की गई कई अदालती सुनवाइयों में पेश नहीं हुए जिसके बाद न्यायाधीश ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। अदालत ने वारंट जारी करते हुए सुनवाई में पेश ना होने की मांग करने वाली इशाक डार की याचिका खारिज कर दी।

इलाज का हवाला देकर पेश नहीं हुए वित्त मंत्री

67 वर्षीय जज मोहम्मद बशीर ने डार के वकील अहमद अली कुद्दूसी से पूछा कि वित्त मंत्री के अदालत में कब पेश होने की उम्मीद है। इसके जवाब में कुदूसी ने कहा कि वह तीन से छह हफ्ते में पूरी तरह दुरूस्त हो जाएंगे और उसके बाद सुनवाई में पेश होंगे। अदालत इससे संतुष्ट नहीं हुई और उनके खिलाफ गिरफ्तारी का गैर जमानती वारंट जारी कर दिया।

20 सितंबर को भी डार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट

गौरतलब है कि इससे पहले 20 सितंबर को भी कोर्ट ने डार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, जो जमानती था। अदालत ने आठ सितंबर को 67 वर्षीय मंत्री की गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताई थी।

पूर्व पीएम शरीफ की याचिका खारिज

इससे पहले पाकिस्तान की भ्रष्टाचार निरोधी अदालत ने पनामा पेपर्स कांड में भ्रष्टाचार के तीन मुकदमों को एक साथ जोड़ने का अनुरोध करने वाली पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की याचिका को खारिज कर दिया था। साथ ही 15 नवंबर तक के लिए सुनवाई टाल दी है। फैसले की घोषणा के बाद पनामा पेपर्स लीक से जुड़े तीनों मामलों में शरीफ पर अलग-अलग आरोप तय किया गया। अब 67 वर्षीय शरीफ के खिलाफ तीनों मामलों में अलग-अलग मुकदमा चलेगा जिसमें महीनों लग सकते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री ने हालांकि, सभी आरोपों से स्वयं को निर्दोष बताते हुए कहा है कि उन्हें निष्पक्ष और और स्वतंत्र न्याय नहीं दिया जा रहा है। याचिका खारिज करते हुए न्यायाधीश मोहम्मद बशीर ने कहा कि कानून के तहत शरीफ को निष्पक्ष न्याय मिलेगा।

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