सिख श्रद्धालुओं को राजनयिक से न मिलने देने वाले आरोपों को पाकिस्तान ने किया खारिज

Kapil Tiwari

Publish: Apr, 17 2018 12:34:24 PM (IST)

एशिया
सिख श्रद्धालुओं को राजनयिक से न मिलने देने वाले आरोपों को पाकिस्तान ने किया खारिज

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि गुरुद्वारा पंजा साहिब में बैसाखी के मुख्य समारोह में सिख श्रद्धालु भारत के उच्चायुक्त से मिले थे।

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में भारतीय सिख श्रद्धालुओं के साथ हुई बदसलूकी के आरोपों को पाकिस्तान ने खारिज कर दिया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा है कि ये बहुत अफसोस की बात है कि भारत ने इस मामले को बिना तथ्यों के गलत तरीके से पेश किया है। आपको बता दें कि पाकिस्तान में भारत के सिख तीर्थयात्रियों से भारतीय राजनयिकों को न मिलने देने का मामला सामने आया था। अब पाकिस्तान ने इन आरोपों को आधारहीन देकर खारिज कर दिया है।

पाकिस्तान ने कहा- हमने श्रद्धालुओं को राजनयिक से मिलने दिया था

भारत के आरोपों पर मोहम्मद फैसल ने कहा है कि निर्वासित ट्रस्ट संपत्ति बोर्ड (ईटीपीबी) के सचिव ने भारतीय सिख श्रद्धालुओं को भारतीय उच्चायुक्त से मिलने की अनुमित दी थी। उन्होंने कहा कि ये 14 अप्रैल की बात है, जब गुरुद्वारा पंजा साहिब में बैसाखी के मुख्य समारोह में भाग लेने के लिए भारत के उच्चायुक्त को भी निमंत्रण दिया गया था और उसी समारोह में सभी श्रद्धालुयों को उनसे मिलने की अनुमित दी थी।

इस बीच भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों से आए सिखों ने बाबा गुरु नानक देवजी पर बनी किसी फिल्म का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। इसे देखते हुए पाकिस्तान प्रशासन ने भारत के उच्चायुक्त को फोन कर दौरा रद्द करने को कहा। उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से कार्यक्रम को रद्द करने के पीछे किसी अप्रिय घटना से बचना था और यह दोनों देशों की सहमति से हुआ था।

भारत ने वियना समझौते का बताया है उल्लंघन

आपको बता दें कि भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे विएना समझौते का खुला उल्लंघन बताया है। विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, पाक की ये हरकत ‘अतार्किक कूटनीतिक बेअदबी’ है। पाक ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब राजनयिकों के उत्पीड़न मामले में दोनों पक्षों ने समाधान ढूंढने पर सहमति दी थी।

1800 सिख श्रद्धालुओं को राजनयिक से मिलने से रोका गया था

भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 1800 सिख श्रद्धालुओं का एक जत्था तीर्थाटन सुगमता संधि के तहत 12 अप्रैल को पाकिस्तान गया था। इन श्रद्धालुओं का गुरुद्वारा पंजा साहिब में सम्मान होना था। वैसाखी के मौके पर ये सभी श्रद्धालु समारोह में शामिल होने के लिए पाकिस्तान गए थे, जहां पर श्रद्धालुयों को भारतीय राजनयिक से मिलने नहीं दिया गया।

यह राजनयिकों के साथ दुर्व्यवहार की श्रेणी में आता है। पाक ने विएना संधि 1961, धार्मिक तीर्थ यात्रियों के लिए द्विपक्षीय प्रोटोकॉल 1974 और हाल ही में द्विपक्षीय संबंधों को लेकर दोनों देशों की सहमति से तैयार समझौते का उल्लंघन किया है।

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