पाक सरकार कट्टरपंथियों के आगे झुकी, अल्पसंख्यक को आर्थिक पैनल से हटाया

पाक सरकार कट्टरपंथियों के आगे झुकी, अल्पसंख्यक को आर्थिक पैनल से हटाया

Mohit Saxena | Publish: Sep, 08 2018 02:23:39 PM (IST) एशिया

अर्थशास्त्री आतिफ मियां का नवगठित आर्थिक पैनल के सदस्य के तौर पर नामांकन वापस ले लिया।

इस्लामाबाद। पाकिस्तान सरकार ने कट्टरपंथियों के आगे घुटने टेक दिए हैं। शुक्रवार को दबाव में आकर सरकार ने मशहूर अर्थशास्त्री आतिफ मियां का नवगठित आर्थिक पैनल के सदस्य के तौर पर नामांकन वापस ले लिया। आतिफ मियां अल्पसंख्यक अहमदी समुदाय के सदस्य हैं। प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली ‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ’ ने पहले उन्हें नामांकित कर कहा था कि वह कट्टरपंथियो के आगे बिल्कुल झुकने वाले नहीं हैं, लेकिन अब पार्टी इस बात से पलट रही है।

25 सबसे प्रतिभाशाली युवा अर्थशास्त्री की सूची में शामिल

पाकिस्तान के संविधान में अहमदियों को गैर-मुस्लिम घोषित किया गया है और उनकी मान्यताओं को कई प्रमुख इस्लामिक स्कूलों में ईशनिंदा माना जाता है। अक्सर कट्टरपंथी उनको निशाना बनाते रहे हैं और उनके धार्मिक स्थलों पर तोड़फोड़ करते रहे हैं। मियां को हाल ही में 18 सदस्यीय ईएसी के सदस्य के तौर पर नामित किया गया था। शीर्ष 25 सबसे प्रतिभाशाली युवा अर्थशास्त्री की अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष सूची में शामिल यह अकेले पाकिस्तानी हैं।

सामाजिक स्तर पर बंटवारे से बचने के लिए किया

मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी से शिक्षा प्राप्त आतिफ मियां प्रतिष्ठित प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं और पाकिस्तानी अमरीकी हैं। नामांकन वापस लेने की पुष्टि करते हुए संचार मंत्री फवाद चौधरी ने कहा कि सामाजिक स्तर पर किसी भी तरह के बंटवारे से बचने के लिए सरकार ने नामांकन वापस लेने का फैसला किया है। पाकिस्तानी अखबार डॉन ने उनके हवाले से कहा कि सरकार विद्वानों और सभी सामाजिक समूहों के साथ आगे बढ़ना चाहती है और अगर केवल एक नामांकन इसके विपरित धारणा बनाए तो यह गलत होगा। पीटीआई सीनेटर फैजल जावेद ने कहा कि मियां पद छोड़ने को तैयार हो गए हैं और उनकी जगह कौन लेगा इसकी घोषणा जल्द की जाएगी। मंगलवार को नामांकन का बचाव करते हुए सरकार ने कहा था,‘पाकिस्तान अल्पसंख्यकों का भी उतना ही है जितना कि बहुसंख्यकों का।'

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