पीएम मोदी के बयान पर पाकिस्तान का पलटवार, कहा- 100 युद्धों के बाद भी नहीं सुधरेगा भारत का आक्रामक रवैया

पाक ने बयान में कहा कि भारत ने पहले हो चुके युद्धों के परिणाम देखें हैं, लेकिन अभी तक इससे कोई सबक नहीं लिए, अभी तक भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है, ऐसे 100 युद्ध हो जाए फिर भी इनका रूख नहीं बदलेगा।

 

By: Shweta Singh

Updated: 03 Jan 2019, 06:05 PM IST

इस्लामाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2019 के पहले ही दिन एक मीडिया इंटरव्यू में पाकिस्तान को लेकर एक बड़ा बयान दिया था। इस इंटरव्यू में पीएम ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा था कि यह मानना बड़ी भूल होगी कि पाक एक लड़ाई से ही सुधर जाएगा। उनके इस बयान से पाकिस्तान को मिर्ची लगनी तो तय थी और हुआ भी वही। अब पीएम मोदी के इस बयान पर इस्लामाबाद ने पलटवार किया है।

भारत को अपने आक्रामक रवैए में बदलाव की जरूरत

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने एक बयान में कहा कि भारत को अपने आक्रामक रवैए में बदलाव की जरूरत है। पाक ने बयान में कहा कि भारत ने पहले हो चुके युद्धों के परिणाम देखें हैं, लेकिन अभी तक इससे कोई सबक नहीं लिए, अभी तक भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है, ऐसे 100 युद्ध हो जाए फिर भी इनका रूख नहीं बदलेगा।

पाकिस्तान के नाम पर होते हैं भारत में चुनाव

एक समाचार चैनल में पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने अपने इंटरव्यू में कहा कि भारत में पाकिस्तान के नाम पर चुनाव होते हैं, लेकिन पाकिस्तान में ऐसा चुनावी माहौल नहीं होता। उन्होंने कहा कि भारत ने पहले हुए एक जंग के नतीजे देखें हैं फिर भी उसके रवैये में कोई बदलाव नहीं आया, ऐसे 100 युद्ध भी हो जाएंगे तब भी भारत में बदलाव नहीं आएगा। पाक सेना प्रवक्ता ने कहा, 'पाकिस्तान ने लगातार अमन की कोशिश की है और अमन की बात की है। भारत की धमकियों का हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।'

सिर्फ बातों से नहीं होती सर्जिकल स्ट्राइक

आसिफ गफूर ने कहा कि पाकिस्तान अपने बचाव के लिए सक्षम है और उसको जंग की धमकियां देने से किसी तरह का हल नहीं निकलेगा। यही नहीं उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा था कि सिर्फ बातों से ही सर्जिकल स्ट्राइक नहीं होती। खुद भारत के लोग भी नहीं मानते कि ऐसी कोई स्ट्राइक हुई थी। गौरतलब है कि मंगलवार को पीएम मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक के बावजूद सीमा पार से सीजफायर के उल्लंघन होने से संबंधित एक सवाल पर कहा था, 'चाहे 1965 का युद्ध हो या 1971 का, एक लड़ाई से पाकिस्तान सुधर जाएगा, ये सोचना बहुत बड़ी गलती होगी। पाकिस्तान को सुधरने में अभी और समय लगेगा।' हालांकि प्रधानमंत्री ने इंटरव्यू के दौरान यह भी कहा था कि भारत पाकिस्तान से बातचीत के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन बम और बंदूक के शोर में बातचीत की आवाज नहीं सुनाई दे सकती।

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