शर्मनाक: पीरियड्स में महिला को बिना खिड़की की झोंपड़ी में रहने को किया मजबूर, बच्चों समेत मौत

शर्मनाक: पीरियड्स में महिला को बिना खिड़की की झोंपड़ी में रहने को किया मजबूर, बच्चों समेत मौत

Navyavesh Navrahi | Publish: Jan, 10 2019 06:54:21 PM (IST) | Updated: Jan, 10 2019 06:54:22 PM (IST) एशिया

बता दें, कई समुदायों की ओर से परंपरा के नाम पर माहवारी वाली महिलाओं को अपवित्र माना जाता है।

नेपाल से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खबर के अनुसार- एक 35 वर्षीय महिला को बिना खिड़की वाली झोंपड़ी में बंद कर दिया गया था। जिससे उसकी व उसके दो बेटों की दम घुटने से मौत हो गई। दरअसल, महिला एक प्रथा के तहत इस झोपड़ी में रह रही थी, जिसमें माहवारी के दौरान महिला को अछूत माना जाता है। ऐसे में उसे अलग स्थान पर रहने को मजबूर किया जाता है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार- यह घटना नेपाल के बाजुरा जिले की है, जहां माहवारी के चौथे दिन अंबा बोहोरा ने मंगलवार रात को अपने नौ और 12 साल के बेटों के साथ खाना खाया। इसके बाद वह झोंपड़ी में सोने चली गई। झोपड़ी को गर्म रखने के लिए उसमें आग जलाई गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार- झोपड़ी में हवा आने-जाने के लिए कोई खिड़की नहीं थी। अगली सुबह अंबा की सास ने जब झोपड़ी का दरवाजा खोला, तो तीनों को मृत पाया। सबकी दम घुटने से मौत हो गई। रिपोर्ट में एक गांववाले के हवाले से कहा गया है कि- ‘सोते समय उनके कंबल में आग लग गई थी। उसके धुएं से दम घुटने से मां और बच्चों की मौत हुई है।

मुख्य जिला अधिकारी चेतराज बराल के अनुसार- शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जिला पुलिस प्रमुख समेत एक दल घटनास्थल पर जांच के लिए भेज दिया गया है।

बता दें, नेपाल में कई समुदायों की ओर से परंपरा के नाम पर माहवारी वाली महिलाओं को अपवित्र माना जाता है। इस दौरान उन्हें परिवार से दूर झोंपड़ियों में रहने को कहा जाता है। हालांकि प्रथा पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजद यह चलन में है।

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