SCO : पीएम मोदी का आतंकवाद पर प्रहार, मानवता का दुश्मन बताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित शंघाई सहयोग सम्मेलन (एससीओ) को संबोधित करते हुए आतंकवाद पर जमकर हमला बोला।

अस्ताना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित शंघाई सहयोग सम्मेलन (एससीओ) को संबोधित करते हुए आतंकवाद पर जमकर हमला बोला। पीएम मोदी ने पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ के सामने पाक का नाम लिए बगैर कहा कि आतंकवाद मानव अधिकारों और मानव मूल्यों के लिए सबसे बड़ा खतरा है। पीएम ने कहा कि आतंकवाद पूरी दुनिया में मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है। पीएम मोदी ने आतंकवाद से निपटने के लिए सभी देशों से स्थायी कार्रवाई करने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने 12 साल बाद एससीओ की स्थायी सदस्यता मिलने पर समर्थन करने वाले देशों का धन्यवाद जताया। 
पीएम मोदी के भाषण की खास बातें
- एससीओ देशों के साथ संपर्क भारत की प्राथमिकता में हैं। हम इसका भरपूर समर्थन करते हैं।  
- हमें पूरा विश्वास है कि एससीओ के सहयोग से भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को एक नई दिशा देगा।
- आतंकवाद व अतिवाद के खिलाफ संघर्ष एससीओ के सहयोग का अहम हिस्‍सा है। 
- एससीओ के प्रयासों से अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता आएगी।
- भारत एससीओ के साथ सहभागिता के लिए पूरी तरह से तैयार


पाक पीएम नवाज शरीफ ने दी बधाई
एससीओ से जुडऩे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत को बधाई दी है। पाक पीएम नवाज शरीफ ने कहा कि भारत के एससीओ से जुडऩे से क्षेत्रीय सहयोग बढ़ेगा।

पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति से की मुलाकात
इससे पहले पीएम मोदी ने एससीओ सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी. जिंनपिंग से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति को एससीओ की सदस्यता में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। 
Image may contain: 5 people, people sitting
नवाज शरीफ का हालचाल जाना
पीएम मोदी ने एससीओ में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात की थी। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक पीएम मोदी और नवाज ने पहले हाथ मिलाकर एक दूसरे का अभिवादन किया और एक दूसरे के परिवार का हालचाल पूछा। सूत्रों ने मुलाकात के दौरान किसी अन्य मसले पर बातचीत होने की बात से इनकार किया है। 

एससीओ में भारत को स्थाई सदस्यता
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को गंभीरता से लडऩे और उसमें सहयोग देने की वजह से भारत को शंघाई सहयोग संगठन में स्थायी सदस्यता मिल रही है। पीएम मोदी ने अपनी यात्रा से पहले फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सदस्यता से भारत की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। इसके साथ ही आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन में भी मदद मिलेगी। पाकिस्तान को भी इस सम्मेलन में स्थाई सदस्यता मिलेगी। भारत सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि सम्मेलन में मोदी और नवाज की मुलाकात के लिए न तो भारत और न ही पाकिस्तान की ओर से कहा गया है। इसी वजह से दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों में किसी मसले को लेकर बातचीत नहीं होगी। प्रधानमंत्री शुक्रवार को सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

क्या है शंघाई सहयोग संगठन?
अप्रैल 1996 में शंघाई में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और तजाकिस्तान ने एक-दूसरे के बीच उत्पन्न तनावों को दूर करने के लिए सहयोग पर विचार किया। जिसे शंघाई फाइव का नाम दिया गया। जिसके बाद जून 2001 में एससीओ की शुरूआत हुई। पहले इस संगठन का नाम शंघाई फाइव था लेकिन उज्बेकिस्तान के जुडऩे के बाद इस संगठन का नाग शंघाई सहयोग संगठन कर दिया गया। रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान एससीओ के स्थानी सदस्य हैं। इस संगठन का उद्देश्य मध्य एशिया में सुरक्षा के लिए सहयोग बढ़ाना है। कई जानकार एससीओ की तुलना नेटो से भी करते हैं।
pm modi
Show More
ललित fulara
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned