इजराइली पीएम नेतन्‍याहू के साथ भ्रष्‍टाचार मामले में रतन टाटा का भी नाम उछला

Mazkoor Alam

Publish: Feb, 14 2018 10:19:04 (IST) | Updated: Feb, 14 2018 11:20:39 (IST)

Asia
इजराइली पीएम नेतन्‍याहू के साथ भ्रष्‍टाचार मामले में रतन टाटा का भी नाम उछला

आरोप है कि सुरक्षा महत्व की अनदेखी कर इजराइल सरकार ने टाटा के एक योजना को मंजूरी दे दी थी।

जेरूसलेम : इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से जुड़े भ्रष्‍टाचार के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। इसमें अब एक भारतीय ऐंगल भी निकल आया है। इस भ्रष्टाचार में भारतीय उद्योगपति रतन टाटा का नाम भी उछल रहा है। इससे पहले दो मामलों में धोखा करने और भ्रष्टाचार के सबूत मिलने के बाद नेतन्याहू घिरते नजर आ रहे हैं। हालांकि उन्होंने इन आरोपों से स्पष्ट इनकार किया है और इस्तीफा देने की मांग को खारिज कर दिया है।

टाटा को फायदा पहुंचाने के लिए राष्‍ट्रीय सुरक्षा से समझौता
इजराइली मीडिया के अनुसार, टाटा ने अरबपति कारोबारी अर्नन मिचान के साथ मिलकर इजराइली-जॉर्डन सीमा पर मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाने के प्रोजेक्ट पर काम किया था। क्षेत्र के सुरक्षा महत्व की अनदेखी कर इजराइली सरकार ने इस योजना को मंजूरी दे दी थी। सरकार ने यह कार्य मिचान और टाटा को बड़ा फायदा पहुंचाने के लिए किया।

टाटा ने किया इनकार
भारत में स्थित टाटा के कार्यालय ने इजराली मीडिया रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह गलत बताया है। बयान में कहा गया है कि टाटा की इजराइली अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी, लेकिन उसके विचारणीय बिंदु अलग थे।

पुलिस ने कहा, नेतन्‍याहू के खिलाफ पर्याप्‍त सबूत
नेतन्याहू दो बार पहले भी इजराइल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। उन्हें देश के सबसे सफल नेताओं में शुमार किया जाता है। उन पर दस साल में दो करोड़ 25 लाख से ज्‍यादा रुपए का उपहार लेने का आरोप है। करीब 14 महीने की जांच के बाद पुलिस ने मंगलवार को कहा है कि प्रधानमंत्री के खिलाफ मामला चलाने के उसके पास पर्याप्त सबूत है। अब एक और मामले में उनका नाम आ रहा है और इसमें भारतीय उद्योगपति रतन टाटा का नाम भी आ रहा है। पुलिस ने फिलहाल अपनी रिपोर्ट अटार्नी जनरल के पास भेज दी है। वह फैसला करेंगे कि नेतन्याहू के खिलाफ जांच आगे बढ़नी चाहिए या नहीं।

नेतन्‍याहू ने उपहार की बात मानी
पुलिस की घोषणा के बाद सामने आए नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल के हित में कार्य करना जारी रखेंगे और अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। उन्होंने कहा, पुलिस की रिपोर्ट गलत तथ्यों पर आधारित है। उन्‍होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ सालों में उनके खिलाफ 15 मामलों में जांच हुई, पर कोई निष्‍कर्ष नहीं निकला। इस बार भी ऐसा ही होगा। हालांकि उपहार लेने की बात उन्‍होंने माना। उन्होंने कहा कि दोस्तों से उपहार लेने में कुछ भी गलत नहीं है। कहीं से भी इसे अवैध कृत्य नहीं कहा जा सकता।

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