पाकिस्तानः नवाज शरीफ से संबंधित मामलों में धीमी रफ्तार पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ जवाबदेही कोर्ट में चल रही मुकदमों की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई है।

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Published: 12 Oct 2018, 09:55 PM IST

इस्लामाबादः पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ जवाबदेही कोर्ट में चल रही मुकदमों की धीमी रफ्तार पर सर्वोच्च अदालत ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने सरकार और जवाबदेही अदालत को यह निर्देश दिया कि नवाज शरीफ से संबंधित मामलों को 17 नवंबर तक पूरा कर लिया जाए। बता दें कि नवाज शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ सितंबर 2017 में भ्रष्टाचार के तीन मामले दर्ज किए गए थे। जिनमें से एक मामले में 28 जुलाई को अदालत ने तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अयोग्य घोषित कर दिया था।

पनामा पेपर्स कांड में जुड़ा है मामला
पनामा पेपर्स से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में नवाज शरीफ को 10 साल की सजा सुनाई गई थी। इस मामले में बेटी मरियम नवाज को सात साल की कैद और दामाद कैप्टन (पूर्व) सफदर को एक साल की सजा सुनाई गई थी। निचली अदालत ने नवाज शरीफ पर करीब 73 करोड़ रुपये और मरियम पर 18.2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। पाकिस्तान चुनाव से पहले नवाज शरीफ और मरियम शरीफ लंदन से पाकिस्तान पहुंचे थे जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। जबकि नवाज शरीफ के दामाद सफदर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। अब हाई कोर्ट ने इस सभी के सजा को रद्द कर दिया है। जिसके बाद नवाज शरीफ को बेटी-दामाद के साथ रिहा कर दिया गया था।

ये है पूरा मामला
नवाज शरीफ के विरुद्ध मामला 14 सितंबर 2017 को शुरू हुआ था। पनामागेट मामले में फैसले के बाद सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर पाकिस्तान की जवाबदेही अदालत ने फ्लैगशिप इंवेस्टमेंट लिमिटेड समेत एवनफिल्ड, अल-अजीजिया स्टील मिल्स, हिल मेटल प्रतिष्ठान मामले में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नवाज शरीफ को दस साल की सजा सुनाई थी।

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