पाक विदेश मंत्री ने ईरान और अमरीका से मध्यस्थता का प्रस्ताव दोहराया

तीन जनवरी को अमरीकी हवाई हमले में ईरानी सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी

By: Mohit Saxena

Updated: 06 Jan 2020, 02:49 PM IST

इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने एक बार फिर मध्य पूर्व विवाद में मध्यस्थता करने की पेशकश की है। उसने कहा कि इस विवाद में वह खुद नहीं पड़ना चाहता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने रविवार को अपने समकक्षों ईरान के मोहम्मद जवाद जरीफ,सऊदी अरब के फैसल बिन फरहान अल-सऊद और तुर्की के मेवलुत कावुसोग्लू से फोन पर बात की। उन्होंने दोनों से बातकर औपचारिक रूप से यह प्रस्ताव दिया।

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गौरतलब है कि तीन जनवरी को अमरीकी हवाई हमले में ईरानी सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी। इसके बाद कुरैशी ने पहली बार तेहरान से संपर्क किया है। विदेश मंत्रालय की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, क्षेत्र में प्रतिकूल परिस्थिति पर कुरैशी और चारों देशों के विदेश मंत्रियों में व्यापक बातचीत हुई है।

कुरैशी के अनुसार पाकिस्तान न तो किसी भी अन्य देश को अपनी जमीन का उपयोग करने देगा और न ही किसी क्षेत्रीय संकट का हिस्सा बनेगा। कुरैशी मध्य पूर्व की स्थिति पर सीनेट या नेशनल एसेंबली में एक नीतिगत बयान (पॉलिसी स्टेटमेंट) दे सकते हैं।

कुरैशी ने मध्य पूर्व में अपने समकक्षों से ये खास बातचीत सेना के प्रवक्ता और इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशन (आईएसपीआर) के महानिदेशक मेजर जनरल आसिफ गफूर के बयान के बाद की है। इसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि पाक किसी भी दूसरे देश को किसी अन्य देश के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं करने देगा। क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति कायम रखने में भूमिका निभाना जारी रखेगा। कुरैशी ने माना कि सुलेमानी की मौत के बाद क्षेत्र की स्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की इच्छा है कि क्षेत्र में और युद्ध न हो।

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