श्रीलंका: बुर्का पर बैन की सिफारिश, धार्मिक आधार पर गठित सियासी दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का प्रस्ताव

  • संसदीय समिति ( Parliamentary committee ) ने बुर्के पर रोक लगाने समेत 14 विवादित प्रस्ताव रखे हैं
  • राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ( National Security Committee ) के चेयरमैन मलित जयतिलक ने संसद में प्रस्ताव पेश गया

By: Anil Kumar

Updated: 22 Feb 2020, 08:15 AM IST

कोलंबो। पड़ोसी मुल्क श्रीलंका ( Srilanka ) में राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर एक प्रस्ताव लाया गया है। इस प्रस्ताव में कई महत्वपूर्ण मामलों का जिक्र किया गया है।

दरअसल, श्रीलंका में राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर बनी एक संसदीय समिति ( Parliamentary committee ) ने देश में तत्काल प्रभाव से बुर्का पहनने पर रोक लगाने की सिफारिश की है। इतना ही नहीं समिति ने धार्मिक आधार पर गठित राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन भी रद करने का प्रस्ताव रखा है।

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स्थानीय मीडिया के मुताबिक, श्रीलंका की संसद में गुरुवार को इस समिति की रिपोर्ट पेश की गई। इसमें बुर्के पर रोक लगाने समेत 14 विवादित प्रस्तावों का जिक्र है।

ऐसा माना जा रहा है कि ये सभी प्रस्ताव बीते साल अप्रैल में ईस्टर के मौके पर हुए आतंकी हमले के मद्देनजर उठाया गया है। बता दें कि राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ( National Security Committee ) के चेयरमैन मलित जयतिलक ने संसद में प्रस्ताव पेश गया। इसमें ऐसे कई देशों काा जिक्र किया गया है, जहां बुर्के पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।

मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को सामान्य स्कूलों में भर्ती कराने की सिफारिश

प्रस्ताव में यह भी सिफारिश की गई है कि पुलिस को अधिकार दिया जाए कि वह जरूरत पड़ने पर कानून के दायरे में सार्वजनिक जगहों पर नकाब या बुर्का हटवाकर लोगों की पहचान कर सके। यदि कोई नकाब या बुर्का हटाने से इनकार करता है तो उसे गिरफ्तार करने का भी अधिकार दिया जाए।

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प्रस्ताव में संसदीय समिति ने सरकार को सलाह दी है कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को सामान्य स्कूलों में डाला जाए, जो कि शिक्षा मंत्रालय के तहत आता है। मालूम हो कि श्रीलंका की आबादी सवा दो करोड़ है, जिसमें करीब 10 फीसदी मुस्लिम हैं, जबकि 12 फीसदी हिन्दू हैं।

बीते साल हुए आतंकी हमले में कई मुस्लिम संगठनों का नाम सामने आया था। इस हमले में 321 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 500 से अधिक घायल हो गए थे। मारे गए लोगों में 10 भारतीयों समेत 38 विदेशी भी शामिल थे।

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