ताइवान ने भारत में खोला ताइपे वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, 17 से 19 मई तक प्रगति मैदान में लगेगी प्रदर्शनी

ताइवान ने भारत में खोला ताइपे वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, 17 से 19 मई तक प्रगति मैदान में लगेगी प्रदर्शनी

Mangala Prasad Yadav | Publish: Apr, 17 2018 10:10:45 PM (IST) एशिया

भारत और ताइवान ने नए रिश्ते को ऊंचाई देते हुए दिल्ली में ताइवान एक्सपो इंडिया का आयोजन करने का फैसला किया है।

नई दिल्लीः भारत और ताइवान के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के मकसद से ताइपे वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (टीडब्ल्यूटीसी) ने मंगलवार को यहां अपना कार्यालय खोला। यह पहल भारत और ताइवान के व्यापारिक रिश्तों में एक नया अध्याय शुरू करेगी। टीडब्ल्यूटीसी के अध्यक्ष जेम्स सी एफ हुआंग ने इस मौके पर कहा, "हमें यह घोषणा करते हुए खुशी है कि टीडब्ल्यूटीसी इस साल एक के बाद एक कई प्रदर्शनियां आयोजित करने जा रहा है। ताइवान एक्सपो इंडिया का आयोजन 17 से 19 मई को किया जा रहा है, जिसमें आईसीटी, ईवी, ऑटो पार्ट्स एवं कंपोनेंट्स, मशीन टूल्स से जुड़ीं तकरीबन 130 ताइवानी कंपनियां शिरकत करेंगी।


टीएआईटीआरए के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी वॉल्टर एमएस येह ने दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, "ताइवान एक्सपो के आयोजन का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा मंच तैयार करना है, जिसमें ताइवान की अत्याधुनिक तकनीक और औद्योगिक अनुभवों के जरिए अलग-अलग औद्योगिक लाभ और कार्यक्षेत्र के बीच परस्पर सहयोग को बढ़ाया जा सके। टीएआईटीआरए के अनुसार, इंडोनेशिया, वियतनाम, थाईलैंड और मलेशिया के अलावा भारत उन पांच देशों में से एक है, जहां इस साल ताइवान एक्सपो आयोजित किया गया है। आसियान देशों में ताइवान एक्सपो आयोजन की शुरूआत पिछले साल की गई थी।


येह ने बताया कि नई दिल्ली में प्रस्तावित इस ताइवान एक्सपो में विभिन्न विषयों पर आठ मंडपों के जरिए ताइवान की आधुनिकतम तकनीकों, पर्यावरण और उद्योग कौशलों की जानकारी दी जाएगी। इसमें आठ विशेष उद्योग क्षेत्रों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो हरित उत्पादों, स्मार्ट सिटीज, स्वास्थ्य देखभाल संबंधी सेवाओं, पर्यटन और व्यापार सेवा सहित उद्योगों को विस्तार देने वाली सेवाओं के प्रति समर्पित होंगे। इस बहुप्रतीक्षित व्यापार मेले में ताइवान से करीब 130 प्रदर्शक शामिल होंगे, जो उच्च क्षमता वाले उत्पादों और सेवाओं को पेश करेंगे। बता दें कि भारत और ताइवान के वर्ष 2000 में 1.2 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था, वहीं वर्ष 2016 में यह बढ़कर छह अरब डॉलर तक पहुंच गया। इतना ही नहीं विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहीं करीब 90 ताइवानी कंपनियां भारत की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रही हैं।

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