Budh Parivartan 2021 : 04 फरवरी को बुध हो जाएंगे वक्री, जानें किसे होगा फायदा

कुंभ से वापस आएंगे मकर में...

बुध ग्रह को वैदिक ज्योतिष के अनुसार नव-ग्रह मंडल में राजकुमार का दर्जा प्राप्त है। ऐसे में 4 फरवरी को बुध वक्री होकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। दरअसल बुध का वक्री होना ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के संबंध में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। इसके अनुसार बुद्धि और वाणी के स्वामी बुध के वक्री होने का विशेष प्रभाव इंसान के व्यवहार और उसके सोचने-समझने की क्षमता पर साफ तौर पर पड़ता है।

ज्ञात हो कि इससे पहले बुध 4 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश किए थे उसके बाद 25 जनवरी को मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में आ गये थे और अब वे एक बार फिर 4 फरवरी को रात 11 बजकर 5 मिनट पर वक्री गति करते हुए मकर राशि में गोचर करने लगेंगे और 11 मार्च को मार्गी होकर फिर से कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे।

ज्योतिष में बुध ग्रह की गति अन्य सभी ग्रहों से तेज मानी जाती है और सूर्य ग्रह के सबसे निकट होने के कारण बुध ग्रह अक्सर अस्त अवस्था में रहता है। जहां अन्य ग्रह अमूमन वर्ष में केवल एक ही बार वक्री होते हैं वहीं अपनी तेज गति के चलते बुध ग्रह 1 साल में तीन से चार बार वक्री अवस्था में होता है। बुध का वक्री होना, जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया कि एक महत्वपूर्ण घटना है, क्योंकि इसका इंसान के जीवन पर प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष असर देखने को मिलता है।

 

RASHI PARIVARTAN

दरअसल जब ग्रह उल्टा चलता हो तो वक्री और जब सीधा चलता है तो उसे मार्गी कहा जाता है। ज्योतिष के अनुसार सूर्य और चंद्रमा हमेशा मार्गी रहते हैं जबकि राहु और केतु हमेशा वक्री रहते हैं और बाकि पांच ग्रह पृथ्वी के सापेक्ष अपनी गति के कारण कभी मार्गी तो कभी वक्री होते रहते है। जहां तक बुध की बात करें तो इसका का वक्री होना इंसान के जीवन के कई पहलुओं को प्रभावित करता है।

बुध ग्रह के गोचर का सीधा प्रभाव हमारी व्यवहारिकता, हमारे जीवन जीने के ढंग पर पड़ता है। हमारी संवाद शैली और क्षमता किस प्रकार की है यह सब कुछ बुध ग्रह के गोचर पर ही निर्धारित होता है। माना जाता है कि बुध के वक्री होने पर व्यक्ति के संवाद शैली के साथ-साथ उसके सोचने समझने की शक्ति पर भी इसका साफ असर पड़ता है। जिसके चलते इस दौरान कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए।

इसके अलावा बुध का वक्री होना त्वचा में एलर्जी, सर्दी और फ़्लू जैसी मौसमी एलर्जी और कुछ छोटी-मोटी अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को भी अपने साथ लेकर आता है। इसके अलावा बुध का गोचर तंत्रिका तंत्र को भी प्रभावित करता है और कुछ जातकों को इसके प्रभाव से अनिद्रा जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।

उपाय: रोजाना बुध बीज मंत्र का जाप करें। पेड़ लगाएं और उसकी देखभाल करें।

Effects of Budh Rashi Parivartan 2021 : आइये जानते हैं कि वक्री बुध के मकर राशि में प्रवेश से राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा...

1. मेष राशि : बुध के यह गोचर से आपको कॅरियर में सफलता दिलाने के अलावा आपके पिता को भी तरक्की देगा। ऐसे में नयी चीजों को सीखने का मन करेगा। इस दौरान शस्त्र आदि के काम से जुड़े लोगों को विशेष फायदा होगा। जहां तक हो सके बाहर के खाने-पीने से दूर रहें।

2. वृषभ राशि : इस गोचर में आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। आर्थिक लाभ के साथ ही आपकी सेहत अच्छी रहेगी। आयु में भी वृद्धि होगी।

3. मिथुन राशि : गोचर के इस समय शुभ फलों की प्राप्ति के लिए आपको थोड़ी अधिक मेहनत करने के अलावा इस दौरान आपको मकान भी बदलना पड़ सकता है।

4. कर्क राशि : यह गोचर आपको धन लाभ देगा। दस्तकारी के काम से जुड़े लोगों को विशेष लाभ होगा। कोर्ट में 11 मार्च तक उसकी दलीलें आपके पक्ष में होंगी।

5. सिंह राशि : इस दौरान आप बड़े दिल से दूसरों की मदद करेंगे। कोई भी काम धैर्य से करने पर सफलता मिलेगी और साथ ही धन लाभ मिलेगा।

6. कन्या राशि : बुध के इस गोचर से किसी भी कार्य में आपकी रुचि बढ़ेगी साथ ही बौद्धिक क्षमता का विकास होगा। वहीं जिनके पहले से बच्चे हैं, उनके बच्चों की तरक्की होगी और जीवन में भरपूर रोमांस मिलेगा।

7. तुला राशि : बुध का इस गोचर में आपको भूमि-भवन और वाहन का सुख मिलेगा, साथ ही आपके अलावा दूसरों के लिये भी शुभ होगा। लेकिन इस बीच अपनी माता के स्वास्थ्य का खास ख्याल रखने की जरूरत है।

8. वृश्चिक राशि : बुध का यह गोचर दूसरों के साथ आपके अच्छे संबंध बनाएगा। 11 मार्च तक आप अपने विचारों को अभिव्यक्त करने की पूरी कोशिश करने से लाभ की संभावना है। साथ ही यह समय आपकी आयु में वृद्धि करेगा और आप और आपके भाई-बहनों को मेहनत के अनुसार लाभ मिलेगा।

9. धनु राशि : बुध के इस गोचर से आपके साथ ही आपके परिवार वालों के लिए भी यह फायदेमंद होगा। इस दौरान शत्रुओं पर विजय पाने में कामयाब होने के अलावा आपके धनकोष में वृद्धि भी होगी। आपकी बौद्धिक क्षमता अच्छी होने के साथ ही माता का सुख मिलेगा।

10. मकर राशि : धन की प्राप्ति के लिए ये गोचर शुभ रहेगा। संतान पक्ष को न्यायालय से लाभ मिलने के साथ ही आपके प्रेम-संबंधों में मजबूती आएगी।

11. कुंभ राशि : इस दौरान समाज में आपका और आपके परिवार का मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ेगी, साथ ही यह गोचर आपको शैय्या सुख भी दिलायेगा। लेकिन आपको अपने पैसे 11 मार्च तक सम्भालकर रखने की जरूरत है। भगवान गणेश की उपासना करें।

12. मीन राशि : बुध का यह गोचर आपकी सन्तान की तरक्की कराएगा साथ ही इस समय आपकी आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी। उचित होगा कि इस दौरान समय की कीमत को पहचानकर ही आगे बढ़ें, यह समय आपको कुछ नया या हुनर सीखने का मौका भी देगा।

How to safe your self from budh side effects? : वक्री बुध 2021- दुष्प्रभाव से बचने के उपाय...
: बुध प्राकृतिक स्रोतों के माध्यम से पर्यावरण में प्रवेश करता है। ऐसे में वक्री बुध के इस समय के दौरान पौधों को पानी देना और उनका उचित पोषण करना आपको जीवन में अच्छे परिणाम प्रदान करेगा।

: सच्चे मन से भगवान की उपासना करना बेहद ही सहायक साबित हो सकता है, साथ ही सभी उपायों में इस उपाय को सबसे कारगर भी माना गया है। बुध वक्री होने की समय अवधि में दिन में 108 बार बुध बीज मंत्र का जाप करें। इससे आपके अंदर उचित ऊर्जा का संचार होगा और साथ ही ये आपकी बात करने की शैली को सशक्त करेगा।

: वक्री बुध का प्रमुख प्रभाव संचार पर पड़ता है। ऐसे में सलाह यही दी जाती है कि, किसी भी वाद-विवाद की स्थिति से बचने के लिए अपने परिवार के लोगों और प्रियजनों से अन्यथा बातें करने से बचें। इससे आपको ग़लतफहमी से दूर रहने में भी मदद मिलेगी।

: बुध ग्रह भगवान विष्णु के आशीर्वाद के अनुकूल फल प्रदान करता है। ऐसे में प्रतिदिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना आपके लिए लाभकारी साबित होगा।
: किसी भी भगवान और देवता की पूजा हर प्रकार की विपत्ति या प्रतिकूल परिस्थितियों में इंसान को सुरक्षा प्रदान करती है। सलाह दी जाती है कि मुमकिन हो तो, बुधवार के दिन भगवान गणेश की उपासना करें और उन्हें बूंदी के लड्डू चढ़ाएं।

: अपने मन को शांत करने और आंतरिक शांति पाने के लिए ध्यान को सबसे अच्छा साधन माना गया है। नकारात्मक और अनचाहे विचारों और तनाव के दबाव से छुटकारा पाने के लिए हर सुबह और रात को आपको ध्यान करने की सलाह दी जाती है।

: वक्री बुध के दुष्प्रभाव को कम या दूर करने के लिए रत्न धारण की सलाह दी जाती है, इसलिए बुध के वक्री होने वाले दिन पन्ना, ग्रीन कार्नेलियन या ग्रीन गोमेद पहनने से बुध वक्री 2021 कैलंडर के दुष्परिणामों को कम किया जा सकता है, और साथ ही इससे आपको चुनौतियों का मुकाबला करने में मदद मिलेगी। लेकिन कोई भी रत्न किसी जानकार की सलाह के बिना न पहनें।

: क्रिस्टल सभी प्रकार की ऊर्जाओं को अपने अंदर समाने में बेहद ही उपयोगी होते हैं। इसके अलावा क्रिस्टल, ग्रहों के अच्छे प्रभावों को बढ़ाने में भी फ़ायदेमंद साबित होते हैं। सलाह दी जाती है कि मुमकिन हो तो अपने घर के उत्तर पूर्व कोने या अपने कमरे में एक हरे रंग का पिरामिड या क्रिस्टल रखें।

: आपके बगीचे में या बाहरी किसी जगह या फिर किसी सार्वजनिक पार्कों में पेड़ो और झाड़ियों का रोपण, बुध ग्रह के अनुकूल प्रभाव को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है।

: न केवल व्यक्तित्व में, बल्कि एक व्यक्ति के ऊर्जा पैटर्न में भी उसके कपड़े और उनके रंग काफी प्रभाव डालने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में सलाह दी जाती है कि विशेष तौर से वक्री बुध के समय अवधि के दौरान हरे रंग के कपड़े पहनें तो ये शुभ फलदायी साबित होगा।

: संपत्ति या किसी अन्य अचल संपत्ति की बिक्री या खरीद से संबंधित निर्णय लेने में इस दौरान जितना हो सके बचें। इस दौरान बुध आपको जल्दबाजी में निर्णय लेने की तरफ आकर्षित कर सकता है, लेकिन ऐसे फैसले आपको भविष्य में परेशानी और घाटे में डाल सकते हैं।

: दान-पुण्य करने से जीवन में किसी भी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव को कम करने में सहायता मिलती है। ऐसे में वक्री बुध के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए ज़रूरतमंदों को हरी चने की दाल, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, हरी चूड़ियां या कपड़े दान करें।

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दीपेश तिवारी
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