Chhath Puja 2020: छठ के आखिरी दिन का विशेष महत्व, जानें आज के दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के 3 बड़े फायदे

  • दिवाली के बाद हिंदूओं का छठ(Chhath Puja 2020) सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है
  • छठ पूजा के व्रत को कठिन उपवासों में से एक माना जाता है

By: Pratibha Tripathi

Published: 21 Nov 2020, 10:28 AM IST

नई दिल्ली। भारत में सबसे कठिन पर्वों में से एक माने जाने वाले छठ पूजा (Chhath Puja 2020) का आज समापन है। यह पर्व चार दिन का होता है। और चौथे दिन व्रत रखने वाली महिलाएं उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती है। आज यानि की चौथे दिन पूरे  विधि विधान के साथ ही इस महापर्व का समापन किया जाएगा। छठ पर्व के इन चार दिनों में अंतिम दिन यानि की चौथे दिन का विशेष महत्व होता है इस दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने से हर मनोकामनाए पूर्ण होती है। जानें क्या है इसका विशेष महत्व..

सूर्योदय अर्घ्य का समय
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को छठ पूजा का समापन होने वाला है। इस दिन उगते हुए सूर्यको अर्घ्य देने की परंपरा है। उगते सूरज के अर्घ्य देने का शुभ मुहूर्त आज सुबह 06:49 बजे है. इसके बाद पारण कर इस व्रत को पूरा किया जाता है। सूर्य को जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे का उपयोग करना चाहिए। गिरते जल की धारा में सूर्यदेव के दर्शन करना चाहिए।

छठ के अंतिम अर्घ्य के लाभ
1. आज के दिन जो महिलाए पूरे नियम से इस व्रत का पालन करती है उनकी संतान सम्बन्धी समस्याएं दूर होती हैं।धन समधद्धि बनी रहती है। पिता पुत्र के संबंध ठीक होते हैं। इसके अलावा जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर होता है, उनकी किस्मत के भी द्वारा खुलने लगते है। सूर्य को अर्घ्य देने से आत्मविश्वास बढ़ेगा.

2. सुबह के वक्त जल की धारा में से उगते सूरज को देखना चाहिए। इससे सूर्य कि किरणों का असर सीधे आपकी दृष्टि के साथ आपके मन पर भी पड़ता है और आपको सकारात्मक उर्जा का आभास होता रहेगा।

3. सूर्य प्रकाश का सबसे बड़ा स्रोत है और प्रकाश को सनातन धर्म में सकारात्मक भावों का प्रतीक माना गया है। हर दिन सूर्य को अर्घ्य देने से व्यक्ति की कुंडली में यदि शनि की बुरी दृष्टि हो तो उसका प्रभाव भी कम होता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त
आज छठ पूजा के चौथे दिन सूर्योदय प्रात:काल 06 बजकर 49 मिनट पर होगा, वहीं सूर्यास्त शाम को 05 बजकर 25 मिनट पर होगा। आज सूर्योदय के समय उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।

Pratibha Tripathi
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