Chhath Puja 2020: छठ पूजा के दौरान भूल से भी ना करें ये गलतियां,व्रत रह जाएगा अधूरा

  • दिवाली के बाद हिंदूओं का छठ(Chhath Puja 2020) सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है
  • छठ पूजा के व्रत को कठिन उपवासों में से एक माना जाता है

By: Pratibha Tripathi

Updated: 19 Nov 2020, 10:17 AM IST

नई दिल्ली। पूरे देश में छठ पूजा (Chhath Puja 2020)का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। कोरोनाकाल में भी महिलाएं बड़े जोश के साथ सूर्य देवता को अर्घ्य देने के लिए पूरी तरह से तैयार होकर घाट, तलाब, नदी, में पूजा करते देखी जा रही है। इस त्यौहार की शुरूआत कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि से हो जाती है। आज के समय में भले ही पूरे देश में इस पर्व को मनाया जाने लगा हो, लेकिन सबसे ज्यादा इसका महत्व बिहार यूपी और झारखंड जैसे राज्यों में देखने को मिलता है। यह सबसे कठिन व्रतों में से एक माना गया है। छठ पूजा को करते समय काफी सावधानी रखने की जरूरत पड़ती है। इसलिए पूजा करने के दौरान हमे कुछ बातों का ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है। आइए जानते है इसके बारे में ...

छठ पूजा पर इन बातों का रखें खास ख्याल:

साफ सफाई-

छठ पूजा करने के दौरान घर की साफ-सफाई का खास ख्याल रखा जाता है। क्योंकि इस पूजा के हर काम बेहद ही सफाई के साथ किए जाते है नही तो भगवान रूष्ठ हो जाते है। इसलिए छठ पूजा से पहले घर को अच्छे से साफ करें। साथ ही जहां पर छठ पूजा का प्रसाद बनाया जाता है उस जगह की साफ सफाई अच्छी तरह से करें। बिना नहाए या फिर गंदे कपड़े पहनकर प्रसाद भूल से भी ना बनाए। और जहां पर आपका खाना बने, वहां पर प्रसाद नहीं बनाया जाना चाहिए।

बच्चों को रखें दूर-

पूजा के समय आपके काम में कोई बिध्न ना पड़े, इसलिए वहां से बच्चों को दूर रखें। नही तो वो गंदे हाथों से पूजा का समान भी छू सकते है। यदि बच्चे प्रसाद खाने की जिद्द करते है तो उनके लिए अलग से कोई चीज बनाकर रखें, बच्चों को तब तक प्रसाद न दें जब तक पूजा संपन्न न हो जाए।

नकारात्मकता को करें दूर-

छठ पूजा के दौरान व्यक्ति को घर में शांति बनाकर रखना चाहिए। गाली गलौच का उपयोग घर पर नही करना चाहिए। ना ही घर के किसी बुजुर्ग का अपमान करना चाहिए। इससे मन में नकारात्मकता भर जाती है।

मांस का सेवन ना करें-

आपके घर मं जितने भी दिन छठ पूजा चलती है उतने दिन शाकाहारी भोजन रना करना चाहिए। इस दौरान मांसाहार का सेवन नहीं करना चाहिए। प्रसाद को ऐसे बर्तन में न पकाएं जिसमें मांसाहार बन चुका हो।

Pratibha Tripathi
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