विशेषज्ञ सौंपेंगे अपनी रिपोर्ट, हनुमान जी की जन्मस्थली कर्नाटक या आंध्रप्रदेश ?

- आंध्रप्रदेश का दावा है कि हनुमान की जन्मभूमि तिरुपति तिरुमला की सात पहाडिय़ों में से एक पर है, जिसे 'अंजनाद्री' कहा जाता है।
- जन्मस्थली विवाद को लेकर कर्नाटक-आंध्रप्रदेश के अलग-अलग दावे।

बेंगलूरु। रामभक्त हनुमान की जन्मस्थली को लेकर विवाद छिड़ गया है। कर्नाटक और आंध्रप्रदेश ने अपने-अपने राज्यों में अंजनी पुत्र के जन्म का दावा किया है। इसके चलते तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने दिसंबर में आठ सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। ये समिति मंगलवार को तेलुगू नववर्ष पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। समिति में वैदिक विद्वान, पुरातत्वविद और इसरो के एक वैज्ञानिक शामिल हैं। समिति ने वेंकटचला महात्म्य, बराह मिहिर लिखित बृहत्संहिता के साथ ही शिव, ब्रह्मा, मत्स्य आदि पुराणों से भी साक्ष्य जुटाए हैं और हनुमानजी के जन्म के समय और युग के परिप्रेक्ष्य में साक्ष्यों को कसौटी पर कसा है।

लोगों की मान्यता और दावे...
कर्नाटक में ही हनुमान की जन्मस्थली को लेकर दो मत हैं। कुछ लोग हनुमान का जन्म कर्नाटक में ही समुद्र किनारे गोकर्ण में मानते है। वे हनुमान की कर्मभूमि किष्किन्धा में अंजनाद्री को मानते है। कर्नाटक में ही 'अंजनैयाÓ नामक स्थान को हनुमान की जन्मस्थली माना जाता है, उनका जन्म होसपेट में अंजनाद्रि पर्वत पर हुआ ऐसी मान्यता है। उधर, आंध्रप्रदेश का दावा है कि हनुमान की जन्मभूमि तिरुपति तिरुमला की सात पहाडिय़ों में से एक पर है, जिसे 'अंजनाद्री' कहा जाता है।

रामायण में किष्किंधाकांड-
तुलसीदास ने रामचरितमानस का पूरा एक खंड ही 'किष्किंधाकांड' के नाम से लिखा और इसमें चौपाइयों के माध्यम से इस स्थान के महात्म्य और यहां हनुमान की उपस्थिति का वर्णन किया गया है।

जिसकी जैसी भावना... हनुमान जन्मस्थली को लेकर विवाद जैसा कुछ भी नहीं है। सबकी अपनी मान्यता और श्रद्धा है।
- बसवराज, कर्नाटक प्रांतीय संगठन सचिव विहिप

विकास गुप्ता
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